सवाईपुर ( सांवर वैष्णव ):- सेंट लुइस, मिसौरी संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रतिष्ठित रोबोटिक्स प्रतियोगिता में भारतीय-मूल के छात्रों ने शानदार सफलता हासिल की है । सेंट लुइस के बैट्टी व्हीलर क्लासिकल जूनियर अकादमी की टीम ने फर्स्ट®️ लोगो®️ लीग क्वालीफायर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रोबोट परफॉर्मेंस अवॉर्ड जीता और 17 जनवरी, 2026 को होने वाली स्टेट चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई कर लिया ।

सवाईपुर, भीलवाड़ा के युवांश ने निभाई अहम भूमिका, इस सफल टीम की अगुवाई करने वाली प्रतिभाओं में राजस्थान के सवाईपुर, भीलवाड़ा के 9 वर्षीय युवांश सोमानी ( कक्षा चौथी ) और महाराष्ट्र की आराध्या खोट शामिल हैं । युवांश सोमानी ( पुत्र विकास सोमानी और सौम्या अग्रवाल ) ने टीम को रोबोट परफॉर्मेंस अवॉर्ड दिलाने में अहम भूमिका निभाई । उनके माता-पिता, जो मूल रूप से भीलवाड़ा निवासी हैं, वर्तमान में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में सीनियर साइंटिस्ट के तौर पर कार्यरत हैं । टीम का आधिकारिक नाम टीम 57925 टेक्नो टाइगर्स है । इन्होंने पूर्वी मिसौरी क्षेत्र के 14 जिला सरकारी स्कूलों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा में जीत हासिल की । पूरा भारतीय समुदाय इन नन्हे चैंपियंस पर गर्व महसूस कर रहा है, जो अब मिसौरी के सर्वश्रेष्ठ रोबोटिक्स टीमों के खिलाफ अंतिम मुकाबले की तैयारी में जुटे हैं ।।

सरकारी स्कूलों की सुविधाएँ बनीं सफलता का कारण
युवांश ने अपने दादा शंकर लाल सोमानी के साथ बातचीत में अमेरिकी सरकारी स्कूलों की शिक्षा प्रणाली में मौजूद संसाधनों पर अपना अनुभव साझा किया । युवांश ने बताया कि अमेरिकी सरकारी स्कूलों में कक्षा 3 से ही कंप्यूटर कौशल सिखाया जाता है, साथ ही बास्केटबॉल और सॉकर जैसी खेलकूद की टीमें भी उपलब्ध हैं । उन्होंने उस सुविधा पर ज़ोर दिया जो सीखने में सहायक है: “यहां हर बच्चे के लिए एक व्यक्तिगत आईपैड मिलता है । 6 साल की उम्र से ही तकनीक के साथ तालमेल बिठाना बहुत आसान हो जाता है । युवांश के परिवार का मानना है कि प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर उन्नत संसाधन और प्रशिक्षण ही सफलता की कुंजी है । उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि देश के प्राथमिक विद्यालयों में ऐसी विश्वस्तरीय सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि भारतीय बच्चे कम उम्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें ।।
