विशेष बातचीत में बोले राम मंदिर बना यह वीरता और पराक्रम का प्रतीक ,अब देश में लंबित करोड़ों माम9लों को खत्म करने की जरूरत’
बिजौलिया। अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया का 8–9 दिसंबर को बिजौलिया उपखंड क्षेत्र में हुआ प्रवास धार्मिक आस्था, सामाजिक चेतना और जनसंवाद कार्यक्रमों से भरपूर रहा। अनेक स्थानों पर हुए स्वागत, जनसभाओं, किसान संगोष्ठियों और अभिभाषकों के साथ संवाद के बीच तोगड़िया ने हिंदुत्व, किसान मुद्दों और देश की न्याय व्यवस्था पर खुले विचार रखे।
लेकिन इस पूरे प्रवास के केंद्र में रही भीलवाड़ा फोकस से उनकी विशेष बातचीत, जिसमें उन्होंने राम मंदिर से लेकर देश के करोड़ों लंबित मामलों तक पर महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं।
राम मंदिर मुद्दे पर बोले 40 साल दिए, मंदिर बना यही सौभाग्य… किसे बुलाया, किसे नहीं-ये छोटी बातें हैं
बार रूम में अभिभाषकों से संवाद के दौरान ‘राम मंदिर निर्माण के सपने के पूरे होने और केंद्र सरकार द्वारा दर्शन व्यवस्था’ पर पूछे गए सवाल पर तोगड़िया ने कहा कि वे इस मुद्दे पर बयान नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा राम मंदिर बनने से मैं प्रसन्न हूँ। मंदिर के लिए मैंने जीवन के 40 वर्ष लगाए। मंदिर में किसे दर्शन मिले, किसे नहीं ये छोटी बातें हैं। मंदिर बना यह हमारा सौभाग्य है, वीरता और पराक्रम का प्रतीक है। कोई भी कभी भी जाकर दर्शन कर सकता है।
तोगड़िया ने आगे कहा कि राम मंदिर पर राजनीति करने की आवश्यकता नहीं, मंदिर का निर्माण सम्पूर्ण हिंदू समाज का गौरव है।
देश की न्याय प्रणाली पर कड़ा संदेश-‘लाखों नहीं, करोड़ों केस लंबित… इन्हें खत्म करने की कोशिश करे सरकार तो मैं तालियां बजाऊँगा’
भीलवाड़ा फोकस से विशेष बातचीत में तोगड़िया ने देश की न्याय व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा देश में करोड़ों केस कोर्ट में लटके हुए हैं। अगर केंद्र और राज्य सरकार इन मामलों को खत्म करने की ठोस कोशिश करें तो मैं सबसे पहले तालियां बजाऊँगा। उन्होंने कहा कि समय पर न्याय न मिलने के कारण समाज में तनाव और हिंसा बढ़ती है। जब न्याय समय पर मिलता है तो हिंसा नहीं होती, लोगों का मन शांत रहता है। भारत को न्याय में भी तेजी की जरूरत है। तोगड़िया ने केस आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में सुधार को तत्कालिक आवश्यकता बताया।
जोगणिया माता शक्तिपीठ में दर्शन से हुई प्रवास की शुरुआत
प्रवास की शुरुआत जोगणिया माता शक्तिपीठ में दर्शन के साथ हुई, जहाँ ट्रस्ट अध्यक्ष सतनारायण जोशी और भक्तों ने उनका स्वागत किया। कस्बे के पंचायत चौक में विशाल जनसभा यहाँ उन्होंने हिंदू राष्ट्र की अवधारणा, जनसंख्या संतुलन और सांस्कृतिक संरक्षण पर विस्तृत विचार रखे। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद, हिंदू हेल्पलाइन, किसान हेल्पलाइन और हनुमान चालीसा केंद्रों की कार्यप्रणाली का जिक्र किया।
किसान संगोष्ठी-फसल मूल्य, सिंचाई और ऋण व्यवस्था पर चर्चा
छोटी बिजौलिया में आयोजित किसान संगोष्ठी में तोगड़िया ने किसानों के मुद्दों पर संवाद किया। प्रभुलाल धाकड़, गोपाल धाकड़, अविनाश धाकड़, विनोद शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

विभिन्न संगठनों ने किया स्वागत सम्मान
बजाज शोरूम, चाणक्य क्लासेज, ब्राइट फ्यूचर एकेडमी, डॉक्टर डी.एस. मेहर के निवास सहित कई स्थानों पर उनका स्वागत-सम्मान किया गया। अभिभाषक परिषद के बार रूम में वकीलों से मुलाकात में उन्होंने न्याय प्रणाली पर विस्तार से बात की और सस्ता, शीघ्र व सुलभ न्याय सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। स्वतंत्रता सेनानी डॉ. साधु सीताराम दास की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद उन्होंने देव डूंगरी पहुंचकर समाजजनों से मुलाकात की।
यहाँ संस्कार भारती चिल्ड्रन स्कूल के बच्चों से संवाद करते हुए उन्होंने प्रतिदिन अध्ययन और हनुमान चालीसा पाठ की प्रेरणा दी।
ये रहे मौजूद:
चित्तौड़ प्रांत कार्याध्यक्ष घनश्याम सोनी, प्रदेश अध्यक्ष भंवरलाल, राष्ट्रीय बजरंग दल प्रदेशाध्यक्ष ओम जय प्रजापत, राजस्थान प्रभारी रोहित दर्जी, ओजस्विनी प्रांत अध्यक्ष कामना शर्मा, मुनि अरविंद, बहन रचना आदि पदाधिकारी लगातार साथ रहे।
