शक्करगढ़
खजुरी से बाकरा सड़क मार्ग पर बदइंतज़ामी एक बार फिर उजागर हुई है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा हाल ही में किए जा रहे पैचवर्क की परत शुरुआत में ही उखड़ने लगी, जिससे मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कार्य ठीक से पूरा भी नहीं हुआ था और जगह-जगह परत टूटकर सड़क फिर उसी हाल में नजर आने लगी।
इससे पहले भी शक्करगढ़–बाकरा मार्ग पर किया गया पैचवर्क कुछ ही दिनों में उखड़ गया था। विभागीय मॉनिटरिंग और प्रशासनिक लापरवाही के कारण सड़कें लगातार बदहाल होती जा रही हैं। दूसरी ओर सरकार दो साल की उपलब्धियाँ गिनाने में व्यस्त है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति तेजी से बिगड़ रही है।

ग्रामीणों ने नाराज़गी जताते हुए कहा—
“सरकार भले ही सुविधा और राहत देने की बात करती हो, लेकिन अधिकारियों की कमजोर निगरानी और ठेकेदारों की मनमानी के कारण सड़कें फिर से खस्ताहाल हो गई हैं।”
लगातार बिगड़ती सड़क स्थिति से आमजन को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है—स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर रोज़ाना आने-जाने वाले वाहन चालकों तक सभी प्रभावित हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व विभाग से मांग की है कि दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाए तथा सड़क का गुणवत्तापूर्ण और स्थायी निर्माण कराया जाए, ताकि हर साल पैचवर्क के नाम पर धन की बर्बादी रोकी जा सके और यात्रियों को राहत मिल सके।
