शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा विभाग, श्री रामनिवास धाम ट्रस्ट तथा भारत विकास परिषद शाखा शाहपुरा के संयुक्त तत्वावधान में 10 दिवसीय निःशुल्क अंतरंग आयुर्वेद क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा शिविर का शुभारंभ मंगलवार को रामशाला परिसर, शाहपुरा में समारोहपूर्वक किया गया। शिविर का उद्देश्य अर्श, भगंदर, पाइल्स, फिस्टुला सहित अन्य जटिल रोगों से पीड़ित मरीजों को आयुर्वेदिक पद्धति से सुरक्षित, प्रभावी एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है।

शिविर का शुभारंभ भगवान धन्वंतरी के विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हुआ। इस अवसर पर रामस्नेही संप्रदाय के संत नवनीधराम महाराज, भारत विकास परिषद के पदाधिकारी, आयुर्वेद विभाग के चिकित्सक एवं कर्मचारीगणों ने पूजा-अर्चना कर शिविर की सफलता एवं जनकल्याण की कामना की। आध्यात्मिक वातावरण में आरंभ हुए इस आयोजन ने आयुर्वेद की प्राचीन परंपरा और उसकी वैज्ञानिक उपयोगिता को रेखांकित किया।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि शाहपुरा-बनेड़ा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा रहे। विशिष्ट अतिथियों में अतिरिक्त जिला कलेक्टर शाहपुरा प्रकाशचंद रेगर, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, भारत विकास परिषद के क्षेत्रीय प्रमुख गोविंद सोड़ाणी, आयुर्वेद विभाग के अतिरिक्त निदेशक संभाग डॉ. शिव सिंह, उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग भीलवाड़ा डॉ. महाराज सिंह, पूर्व उपनिदेशक डॉ. सत्यनारायण शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जड़दीप पथिक सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने अपने संबोधन में कहा कि आयुर्वेद हमारी प्राचीन भारतीय चिकित्सा शिक्षा और जीवनशैली का अभिन्न अंग है, जो सनातन काल से मानव स्वास्थ्य की रक्षा करती आ रही है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयुष पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं तथा आयुष मंत्रालय के बजट में भी पूर्व की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। इसी क्रम में माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश की भाजपा सरकार आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाकर अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नागरिकों से संयमित खान-पान, मोटे अनाज के प्रयोग एवं अनुशासित दिनचर्या अपनाने का आह्वान किया तथा भविष्य में शाहपुरा में ऐसे और चिकित्सा शिविर आयोजित करने का आश्वासन दिया।
भारत विकास परिषद के क्षेत्रीय प्रमुख गोविंद सोड़ाणी ने परिषद के उद्देश्यों और सामाजिक दायित्वों पर प्रकाश डालते हुए शाहपुरा शाखा द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने आगामी 12 फरवरी 2026 से भीलवाड़ा में आयोजित होने वाले दिव्यांग शिविर की जानकारी देते हुए जिले के अधिकाधिक दिव्यांगजनों से इसका लाभ उठाने का आह्वान किया।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रकाशचंद रेगर ने कहा कि यदि व्यक्ति अपना खान-पान संतुलित रखे और दिनचर्या को सुव्यवस्थित बनाए तो बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। यदि रोग हो भी जाए तो आयुर्वेद को प्राथमिकता देने से बीमारी का जड़ से उपचार संभव है। उन्होंने शिविर में उपचार के बाद रोगियों की सफलता कथाओं को सामने लाने पर जोर दिया, जिससे समाज में आयुर्वेद के प्रति विश्वास और मजबूत हो सके।

शिविर प्रभारी डॉ. नारायण सिंह ने अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। भारत विकास परिषद शाखा शाहपुरा के शिविर संयोजक जयदेव जोशी ने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी संगठनों, चिकित्सकों, स्वयंसेवकों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। शिविर सह प्रभारी डॉ. श्यामसुंदर स्वर्णकार ने बताया कि शिविर के पहले ही दिन बहिरंग रोगी पंजीकरण के अंतर्गत 340 मरीजों का पंजीकरण किया गया, जिनमें से अर्श एवं भगंदर के ऑपरेशन हेतु 54 रोगियों का चयन किया गया। इसके अतिरिक्त क्वाथ वितरण से 320 लोगों को, योगाभ्यास से 230 लोगों को, पंचकर्म चिकित्सा से 30 लोगों को तथा स्वर्णप्राशन से 125 बच्चों को लाभान्वित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन भारत विकास परिषद शाहपुरा के अध्यक्ष पवन कुमार बांगड़ ने किया। उद्घाटन समारोह में डॉ. विनीत कुमार जैन ने पाइल्स, फिस्टुला सहित अन्य रोगों के कारण, लक्षण एवं आयुर्वेदिक क्षारसूत्र उपचार पद्धति की विस्तार से जानकारी दी और इसे सुरक्षित व प्रभावी बताया।
उद्घाटन अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, एडीएम प्रकाशचंद रेगर, महाराज सिंह, गोविंद सोड़ाणी, पवन बांगड़, डॉ. शिव सिंह, राजेंद्र बोहरा, पंकज सुगंधी, जीवराज गुर्जर, कैलाश धाकड़, महावीर सैनी सहित आयुर्वेद विभाग के कर्मचारी, भाजपा कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में देवतुल्य नागरिक उपस्थित रहे। पहले दिन ही शिविर में उमड़ी भीड़ और सकारात्मक प्रतिक्रिया ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह शिविर शाहपुरा क्षेत्र में आयुर्वेदिक चिकित्सा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
