गौ सेवा के नाम पर सोशल मीडिया की ‘सेवा’, ग्रामीणों का सब्र टूटा ,एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की मांग

BHILWARA
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बिजौलियां।
तहसील क्षेत्र के चांदजी की खेड़ी गांव में गौ सेवा को लेकर उपजा विवाद अब प्रशासन के दरवाजे तक पहुंच गया है। गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी अजीत सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए सोशल मीडिया पर गौ सेवा के नाम पर कथित दुरुपयोग, गाली-गलौच, धमकी और हिंसा भड़काने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार 17 दिसंबर को गांव में छह आवारा बैल खेतों में घुस आए, जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ। परेशान ग्रामीणों ने बैलों को पकड़कर तिलस्वां नाथ गौशाला में छोड़ने की पहल की, ताकि समस्या का शांतिपूर्ण समाधान हो सके। लेकिन यह प्रयास उस समय विवाद में बदल गया, जब बिजौलियां नगर से कुछ युवक मौके पर पहुंचे, जो सोशल मीडिया पर ‘निष्काम गौ सेवा बिजोलिया’ नाम से अकाउंट संचालित करते हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि इन युवकों ने बिना पूरी जानकारी के अभद्र भाषा का प्रयोग किया, गाली-गलौच की और मौके पर ही वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिए। समझाने के बावजूद युवक नहीं माने और व्यूज व लोकप्रियता के लिए वीडियो बनाकर माहौल को भड़काने का प्रयास किया।



ग्रामीणों का कहना है कि गौ सेवा की आड़ में सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाकर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, अवैध वसूली की मांग करने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां देने जैसे आरोप भी ज्ञापन में लगाए गए हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन को बताया कि क्षेत्र में आवारा बैलों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। किसान दिन-रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं, इसके बावजूद फसलें सुरक्षित नहीं हैं। ऐसे में गौशाला में बैल छोड़ना उनकी मजबूरी है, न कि अपराध।

ग्रामीणों ने एसडीएम से मांग की कि गौ सेवा के नाम पर सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीणों को न्याय मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

ज्ञापन सौंपने के दौरान गांव की बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरुष मौजूद रहे, जिनमें आक्रोश के साथ न्याय की उम्मीद साफ झलक रही थी।