जयपुर अलवर भिवाड़ी हाई रिस्क जोन में भूकंप आने पर इन शहरों में खतरा जबरदस्त भीलवाड़ा सहित यह शहर भी जोन में शामिल

BHILWARA
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जयपुर। भूकंप आता है तो अपने साथ तबाही लाता है और भूकंप का खतरा अधिकांश हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड या पहाड़ी क्षेत्र में माना जाता रहा है लेकिन अब ब्यूरो ऑफ इंडिया स्टैंडर्ड्स के अनुसार राजस्थान की राजधानी जयपुर अलवर और भिवाड़ी को हाई रिस्क जोन में रखा गया है अर्थात इन शहरों में भूकंप आने पर खतरा अधिक होगा इसके अलावा भीलवाड़ा सहित और भी शहर शामिल किए गए हैं जहां भूकंप की संभावना बनती है।


ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स ने देश का नया भूकंप जोखिम नक्शा जारी किया है। इसके तहत भूकंप के लिहाज से राजस्थान की राजधानी जयपुर अलवर भिवाड़ी को हाई रिस्क जोन में रखा गया है हाई रिस्क जोन का मतलब है 5 से 6 रिक्टर स्केल के झटके आ सकते हैं जो सेकंड में पुराने भवनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं या धराशाई कर सकते हैं।

ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स ने इससे पहले 2016 में भूकंप का नक्शा जारी किया था। अब नए जारी किए गए नक्शे मैं 6 जोन विभाजित किए गए हैं। जिसमें ऐसे कई शहर को कम जोखिम में समझा था वह पहले अब अधिक संवेदनशील क्षेत्र की श्रेणी में आ गए हैं।



ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स ने इस नक्शे को पाशा(PSHA) अर्थात प्रोबेबिलिस्टिक सिमिक्स हैजर्ड असेसमेंट मॉडल के आधार पर तैयार किया गया है।

इंजीनियरों के अनुसार पुराने भवनों को भूकंप के झटकों को झेलने के लिए डिजाइन नहीं किया जाता था अब नए सिरे से उनको तैयार करना होगा।

अब तक ऐसा होता था जो गलत था

अब तक जेडीए नगर निगम यूआईटी नगर परिषद आदि स्वायतशाषी संस्थाएं एक प्रमाण पत्र से बिल्डिंग को सुरक्षित और असुरक्षित का प्रमाण पत्र दे देती है। जबकि इन सबको और अन्य एजेंसी को भी प्रोजेक्ट की ड्राइंग और डिजाइन फाइल की जांच करनी चाहिए तथा आर्किटेक्ट को भी अपनी योजना में स्ट्रक्चरल सिस्टम का फॉलो करना चाहिए इसके अलावा फ्लैट खरीदने वालों को भी सर्तक रहने की जरूरत है। इसे यूं समझ जा सकता है कि जब हम कोई कार खरीदते हैं उस समय हम उसके सौंदर्यता अर्थात लुक के साथ-साथ सेफ्टी पिक्चर को भी महत्व देते हैं इसी तरह मकान और फ्लैट खरीदते समय मकान बनाते समय उसके लुक के साथ-साथ उसके सेफ्टी अर्थात सुरक्षा को भी ध्यान में रखना जरूरी होगा।

भू वैज्ञानिकों के अनुसार नए नक्शे का मतलब यह नहीं है कि अचानक खतरा बढ़ गया है या भूकंप आने की आशंका बढ़ गई है इसका तात्पर्य यह है कि किस क्षेत्र में कितना भूकंप आ सकता है और भूकंप आने पर विनाश को कितना कम किया जा सकता है।



नया भूकंप नक्शा क्या है

BIS ने नया नक्शा IS 1893(Part-1) 2025 कोर्ट के तेज जारी किया गया है जो जनवरी 2025 से लागू है अब देश में भवन ब्रिज हाईवे और बड़े प्रोजेक्ट इसी नए भूकंप नियमों के अनुसार बनाए जाएंगे। यह नक्शा पुराने 2002 के नक्शे का स्थान लेगा। यह अब तक का सबसे वैज्ञानिक और सटीक नक्शा कहा जा सकता है क्योंकि इसमें जीपीएस डाटा सैटेलाइट स्टडी फॉल्ट लाइन भूकंप इतिहास लाखों सिमुलेशन शामिल है। जापान और न्यूजीलैंड से देश की तकनीकी अपनाई गई है।

भूकंप के हिसाब से कौन सा शहर किस जोन में है

भीलवाड़ा और बीकानेर को जोन 2 में रखा गया है पाली उदयपुर भरतपुर अजमेर और जोधपुर जोन 3 में है तथा जयपुर अलवर जोन 4 में शामिल किए गए हैं।