सीताराम गौशाला में गौ पूजन, लापसीदृहरी सब्जियों का भोगय पंचवटी बस्तियों में भोजन पैकेट वितरण
भीलवाड़ा -मूलचन्द पेसवानी
हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के महामण्डलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के 65वें प्राकट्योत्सव (30 दिसंबर) के पावन अवसर पर सोमवार को सेवा, करुणा और सनातन मूल्यों की अनुपम झलक देखने को मिली। प्राकट्योत्सव से एक दिन पूर्व सीताराम गौशाला काइन हाउस में आयोजित सेवा कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि उत्सव केवल आयोजन नहीं, बल्कि समाज और प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का अवसर है।

कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत गौ पूजन से हुई। इसके पश्चात निराश्रित एवं असहाय गौवंशों को 351 किलो लापसी एवं 151 किलो हरी सब्जियों का भोग अर्पित किया गया। गौशाला परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा, जहां मंत्रोच्चार और सेवा भाव ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। गौ सेवा के साथ-साथ मानव सेवा को भी प्राथमिकता दी गई। पंचवटी सेवा बस्तियों में जरूरतमंद परिवारों के लिए 101 भोजन पैकेट्स का वितरण किया गया, जिससे कई जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान नजर आई।

इस अवसर पर आश्रम के संत गोविंदराम ने कहा कि महामण्डलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन का संपूर्ण जीवन सेवा, करुणा और सनातन परंपराओं का जीवंत उदाहरण है। उनका संदेश है कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति और निराश्रित प्राणी की सेवा ही सच्ची साधना है। प्राकट्योत्सव को गौ सेवा और मानव सेवा के माध्यम से मनाना उनके विचारों को धरातल पर उतारने का सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इसमें ब्रह्मचारी इंद्रदेव, कुनाल, मिहिर, हीरालाल गुरनानी, पुरुषोत्तम परियानी, सुरेश वंदना आहूजा (सूरत), जयराम वर्षा अभिचंदानी (अहमदाबाद), मनोज खुशलानी (मुंबई), राजू चवरानी (कोटा), सांसद प्रवक्ता विनोद झूरानी, मनीष सबदानी, संदीप तोतला, कन्हैया जगत्यानी, दीपक मेहता, अरविंद दाधीच, राजू कीर, हेमंत रामवानी, अनिल आसनानी, सावर कीर, संजय गुरनानी, जय गुरनानी सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

30 दिसंबर को होंगे मुख्य आयोजन
प्राकट्योत्सव के मुख्य कार्यक्रम मंगलवार 30 दिसंबर को आयोजित होंगे। प्रातः 8रू15 बजे हरि शेवा उदासीन आश्रम में जगद्गुरु श्री श्रीचंद्र महाराज एवं समाधि वाले सतगुरुओं का पूजन और हवन किया जाएगा। इसके बाद हरि सिद्धेश्वर मंदिर में रुद्राभिषेक, गौ पूजन और गौमाता को लापसी प्रसाद अर्पित किया जाएगा। कच्ची बस्तियों में अन्नपूर्णा प्रसाद वितरण तथा गौशाला में रामगऊ को हरा चारा दिया जाएगा।
सायं 5 बजे दीप प्रज्वलन, महामण्डलेश्वर की दीर्घायु हेतु स्वस्ति वाचन, प्राकट्योत्सव की भूमिका और उद्बोधन होंगे। विभिन्न समाज संगठनों द्वारा अभिनंदन के बाद अन्नपूर्णा प्रसाद वितरित किया जाएगा। सायं 7 बजे देश के विख्यात भजन गायक संत प्रकाशदास जी महाराज की सुमधुर वाणी में भजन संध्या आयोजित होगी, जिसमें भक्ति, भाव और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
