विक्रम सिंह @काछोला
काछोला क्षेत्र के थल चौराहे से थल गांव तक बन रही सड़क इन दिनों आमजन के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनी हुई है सड़क निर्माण कंपनी की लापरवाही और सार्वजनिक निर्माण विभाग की उदासीनता के चलते ग्रामीणों, राहगीरों और किसानों को रोजाना भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है निर्माणाधीन सड़क पर वैकल्पिक मार्ग की कोई व्यवस्था नहीं किए जाने से लोगों का आवागमन पूरी तरह अव्यवस्थित हो गया ह स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के एक छोर पर निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि दूसरे छोर पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं इन गड्ढों के कारण आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं खासकर रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, क्योंकि सड़क पर कोई संकेतक, चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग नहीं की गई है ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण एजेंसी द्वारा मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना देने वाले बोर्ड नहीं लगाए गए, जिससे बाहर से आने वाले वाहन चालक अनजान होकर इस रास्ते से गुजरते हैं और हादसों का शिकार हो जाते हैं सड़क निर्माण के दौरान उड़ने वाली अत्यधिक धूल से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं

खेतों में खड़ी फसलों पर धूल की मोटी परत जम जाने से उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है इसके बावजूद न तो नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है और न ही धूल नियंत्रण के अन्य उपाय किए गए हैं थल निवासी एवं पंचायत समिति प्रतिनिधि हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के कारण आमजन की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं
वहीं ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मांडलगढ़ के अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं ग्रामीणों का कहना है कि जब भी इस समस्या को लेकर विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया जाता है, तो वे संतोषप्रद जवाब नहीं देते और जिम्मेदारी से बचते नजर आते हैं
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था, सड़क के गड्ढों की मरम्मत, चेतावनी व सूचना बोर्ड लगाने, धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव और निर्माण कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और हादसों पर अंकुश लगाया जा सके वहीं ग्रामीणों ने कहा अगर समाधान नहीं किया गया तो राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा जी को शिकायत की जाएगी
