3 करोड़ की लागत से बनेगी भीलवाड़ा जिले की पहली खेल अकादमी, 32 बीघा भूमि पर होगा विकास
शाहपुरा (मूलचन्द पेसवानी)।
शहर के खेल इतिहास में शुक्रवार का दिन स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। वर्षों से प्रतीक्षित खेल अकादमी का शिलान्यास होते ही नगर में उत्साह, उम्मीद और गर्व का माहौल बन गया। माताजी का खेड़ा रोड स्थित 32 बीघा भूमि पर बनने जा रही इस बहुप्रतीक्षित खेल अकादमी का विधिवत भूमि पूजन एवं शिलान्यास शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा पूर्व में ही ₹3 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।

युवा मामले एवं खेल विभाग के अंतर्गत बनने वाली यह अकादमी भीलवाड़ा जिले की पहली खेल अकादमी होगी। इसके निर्माण से क्षेत्र के खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण उपलब्ध होगा। शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गूंज के साथ इस पहल का स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. बैरवा ने कहा कि यह खेल अकादमी शाहपुरा को खेल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में आधुनिक वॉलीबॉल मैदान एवं खिलाड़ियों के लिए छात्रावास (हॉस्टल) का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के प्रतिभाशाली खिलाड़ी एक ही परिसर में रहकर अभ्यास कर सकेंगे। भविष्य में अन्य खेलों के मैदान, प्रशिक्षण सुविधाएं एवं आधुनिक उपकरण भी चरणबद्ध रूप से विकसित किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि जिला स्तरीय खेल अकादमी का शाहपुरा में स्थापित होना, शाहपुरा के जिले बनने की दिशा में भी एक मजबूत संकेत है। आगामी राज्य बजट में शाहपुरा के लिए और विकास परियोजनाओं की मांग भी रखी गई है, जिससे क्षेत्र को शिक्षा, खेल और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई पहचान मिल सके।

तैराकी संघ सचिव नरेश बूलियां एवं वॉलीबॉल कोच राजेंद्र सिंह धाभाई ने कहा कि चार दशक पहले देखा गया सपना आज साकार होता नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1981 में इस खेल अकादमी के लिए पत्राचार प्रारंभ हुआ था, जो अब फलीभूत हो रहा है।
अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी डॉ. सत्यनारायण कुमावत ने अपने संबोधन में “नेशन फर्स्ट” की भावना से कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस अकादमी से निकलने वाले खिलाड़ी न केवल पदक जीतेंगे, बल्कि राष्ट्र का गौरव भी बढ़ाएंगे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. परमेश्वर कुमावत ने किया।
इस अवसर पर राजेंद्र सिंह धाभाई, नरेश बूलियां, हेमेन्द्र सिंह, कन्हैयालाल धाकड़, अविनाश जीनगर, राजेंद्र बोहरा, पंकज सुगंधी, जीवराज गुर्जर, शंकर गुर्जर भोजपुर सहित बड़ी संख्या में शारीरिक शिक्षक, खेल प्रशिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
