बिजोलिया। रमेश गुर्जर
तहसील क्षेत्र के तिलस्वा ग्राम पंचायत के अंतर्गत बृजपुरा ग्राम में गोचर भूमि पर प्रस्तावित खनन योजना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। खनिज विभाग द्वारा बिना सूचना एवं ग्रामवासियों की सहमति के ऑनलाइन नीलामी के माध्यम से गोचर भूमि पर खनन के लिए ऑप्शन प्लान बनाए जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी अजीत सिंह को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि खसरा संख्या 40, 41, 42, 44, 45, 46, 52, 53, 56, 57, 58, 59, 60, 61, 62, 86 व 87 की गोचर भूमि को खनन के लिए बेचने की योजना बनाई जा रही है, जो पूरी तरह अनुचित है।
ग्रामीणों का कहना है कि बृजपुरा ग्राम पूरी तरह कृषि एवं पशुपालन आधारित है। उक्त गोचर भूमि पर वर्षों से गायें व अन्य मवेशी चरते आ रहे हैं। साथ ही यहां वर्षों पुराने धार्मिक स्थल पंच देवरिया स्थित हैं। भूमि पर असंख्य पेड़-पौधे हैं तथा अनेक जीव-जंतुओं का प्राकृतिक आवास है।

ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि गहरी खनन नीति लागू हुई तो गांव के कुओं का जलस्तर सूख जाएगा, रसायनों के प्रयोग से भूजल प्रदूषित होगा और हजारों जीव-जंतुओं का आश्रय छिन जाएगा। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा बल्कि पशुपालकों की आजीविका भी प्रभावित होगी।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि धरती, पर्यावरण, पशुधन एवं जीव-जंतुओं की रक्षा को ध्यान में रखते हुए खनिज विभाग के इस ऑप्शन प्लान को तत्काल रुकवाया जाए तथा बिना ग्रामसभा की सहमति गोचर भूमि पर किसी भी प्रकार के खनन की अनुमति न दी जाए।
ज्ञापन देते समय शोभालाल, कमलेश, अशोक, गोपाललाल, मुकेश, राजू, दीपक, शिवलाल, अनिल, सुदेश, रामप्रसाद, अंशुल, आयुष, नरेश, अनीश, नाथूलाल, अंशु, कुशल, शांतिलाल, सांवरिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
