भीलवाड़ा।
जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में नवाचार संस्थान द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू एवं जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव के निर्देशन में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन और नवाचार संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में बाल विवाह मुक्ति रथ को जिला कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

रथ को जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव, एडीएम सिटी प्रतिभा देवठीया, एडीएम ग्रामीण रणजीत सिंह गोदारा, डीवाईएसपी शिल्पा भादविया, महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक राजकुमारी खोईवाल, बाल अधिकारिता विभाग निदेशक धर्मराज प्रतिहार, मानव तस्करी विरोधी यूनिट प्रभारी सुरेन्द्र सिंह, एएसआई ओमप्रकाश सहित अन्य अधिकारियों ने रवाना किया। इस अवसर पर अधिकारियों ने रथ पर लगाए गए हस्ताक्षर बोर्ड पर शुभकामनाएं भी अंकित कीं।
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन भी है। ऐसे अभियानों से समाज में सकारात्मक सोच विकसित होगी और बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगेगी।
नवाचार संस्थान के सचिव अरुण कुमावत ने बताया कि भारत सरकार द्वारा “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के एक वर्ष पूर्ण होने पर 4 दिसंबर से 8 मार्च तक देशभर में 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के समर्थन में भीलवाड़ा जिले में बाल विवाह मुक्ति रथ का संचालन किया जा रहा है।

जिला समन्वयक जितेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि यह रथ एक माह तक जिले में भ्रमण करेगा। इस दौरान जिले के 200 गांवों के साथ-साथ भीलवाड़ा, कोटड़ी, बिगोद, मांडल, हमीरगढ़ और बिजोलिया सहित अन्य कस्बों में बाल विवाह के विरुद्ध जनजागरूकता फैलाएगा। रथ विभिन्न सरकारी कार्यालयों, न्यायिक परिसरों, शिक्षण संस्थानों, ग्राम पंचायतों, अस्पतालों, धार्मिक स्थलों, पुलिस थानों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाजारों में पहुंचकर आमजन, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को जागरूक करेगा।


अभियान के दौरान पर्चों के वितरण के साथ जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, धार्मिक स्थल प्रमुखों, विवाह से जुड़े हितधारकों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भी संवाद किया जाएगा। आकर्षक ढंग से सजाया गया यह रथ जिले में बाल विवाह के विरुद्ध सशक्त संदेश देगा।













