बिजौलियां में ‘अंजान बस्तियों’ का साया, बढ़ता अपराध और खामोश सिस्टम ;सुरक्षा पर सवाल, प्रशासन,पुलिस, जनप्रतिनिधियों की चुप्पी से गहराया संकट

BHILWARA
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बिजौलियां। कपिल श्याम विजय
नगर के बाहरी इलाकों में अज्ञात व बाहरी लोगों की बढ़ती बसावट अब आम नागरिकों के लिए डर और असुरक्षा का कारण बनती जा रही है। चोरी, नशाखोरी और संदिग्ध गतिविधियों में लगातार इजाफा होने से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालात यह हैं कि लोग अपने ही घरों और मोहल्लों में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।



स्थानीय नागरिकों के अनुसार विजय सागर तालाब क्षेत्र, कच्ची बस्तियों और चारागाह भूमि पर बड़ी संख्या में ऐसे परिवार रह रहे हैं, जिनकी न तो पहचान स्पष्ट है और न ही अब तक कोई ठोस पुलिस सत्यापन हुआ है। आरोप है कि इन बस्तियों में रहने वाले कुछ लोग नगर में दिनभर घूमते रहते हैं, जबकि महिलाओं द्वारा भीख मांगने के बहाने कॉलोनियों की रेकी किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।



सीएलजी से लेकर अधिकारियों तक उठी आवाज, नतीजा शून्य

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह मुद्दा नया नहीं है। कई बार सीएलजी बैठकों, स्थानीय पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर इस समस्या को उठाया गया, लेकिन आज तक कोई प्रभावी और स्थायी कार्रवाई नहीं हुई। केवल आश्वासन मिलते रहे, ज़मीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है।



नगर में हुई चोरी की कई वारदातों का आज तक खुलासा नहीं होना भी लोगों की नाराजगी का बड़ा कारण है। आसपास के ग्रामीण इलाकों में वाहन चोरी और छोटी-बड़ी आपराधिक घटनाओं ने चिंता को और बढ़ा दिया है।

अवैध गतिविधियां बढ़ीं, जनप्रतिनिधि खामोश

सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात को लेकर है कि नगर में फैलती अवैध गतिविधियों चोरी, नशाखोरी, अतिक्रमण और कॉलोनियों में घूमते अंजान लोगों पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि जनहित से जुड़े इतने संवेदनशील मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी हालात को और बिगाड़ रही है।



रोजगार के नाम पर अतिक्रमण, व्यवस्था बेबस

स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजगार की तलाश में आए बाहरी लोग धीरे-धीरे सरकारी व सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण कर रहे हैं, जिससे नगर का संतुलन और सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है। बिना किसी सत्यापन के यह बसावट भविष्य में बड़े अपराधों को न्योता दे सकती है।