शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
अजमेर की अतिरिक्त संभागीय आयुक्त दीप्ति शर्मा ने मंगलवार को शाहपुरा तहसील व उप-पंजीयन कार्यालय का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक सुस्ती पर सीधा प्रहार किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने एक-एक शाखा में पहुंचकर कार्यप्रणाली को परखा, टेबल पर पड़ी फाइलें देखीं और आम आदमी को राहत देने के लिए काम की रफ्तार बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए।
तहसील कार्यालय में उन्होंने उपखंड अधिकारी सुनील मीणा और तहसीलदार भींवराज परिहार से गहन विचार-विमर्श किया। तहसीलदार परिहार ने शाहपुरा तहसील क्षेत्र के राजस्व कार्यों का विवरण प्रस्तुत करते हुए लंबित प्रकरणों की स्थिति से अवगत कराया। इस पर अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक समय पर पहुंचे—यह प्राथमिक जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान दीप्ति शर्मा ने पटवारी, भू-अभिलेख निरीक्षक सहित राजस्व विभाग के कार्मिकों को चेताया कि पेंडिंग प्रकरणों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने विधि सम्मत तरीके से प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, नियमित सुपरविजन और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। “फाइलें चलेंगी, बहाने नहीं”—इस संदेश के साथ उन्होंने हर कक्ष में पहुंचकर कर्मचारियों से वन-टू-वन बातचीत की और उनकी टेबल पर लंबित मामलों पर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।

अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ने यह भी कहा कि राजस्व विभाग की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब हर स्तर पर निगरानी मजबूत हो और निस्तारण की गति तेज रहे। निरीक्षण के बाद तहसील परिसर में हलचल दिखी और कर्मचारियों में काम की रफ्तार बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई।


कुल मिलाकर, शाहपुरा तहसील में दीप्ति शर्मा का यह दौरा प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही का साफ संदेश देकर गया—अब फाइलें रुकीं तो सवाल तय हैं।














