भीलवाड़ा । कपिल श्याम विजय
बिजोलिया के तेजाजी चौक स्थित जमीदोंज विद्यालय भवन अब सिर्फ एक ध्वस्त इमारत नहीं, बल्कि प्रशासनिक जल्दबाजी और फैसलों की खामियों का उदाहरण बन चुका है। यह पूरा मामला भीलवाड़ा फोकस लाइव पॉडकास्ट के बाद एक बार फिर चर्चा में आया, जहां सामने आई जानकारियों ने तीन साल से दबे सवालों को उजागर कर दिया।

पॉडकास्ट में पूर्व पंचायत समिति सदस्य, एडवोकेट व भाजपा नेता हितेन्द्र सिंह राजौरा ने स्पष्ट कहा कि जनवरी 2023 में विद्यालय भवन को जमीदोंज करने का निर्णय अति-उत्साह में लिया गया। उन्होंने कहा कि जब नए भवन के लिए वित्तीय स्वीकृति तक नहीं थी, तब वर्षों से संचालित विद्यालय को तोड़ना गंभीर प्रशासनिक चूक थी।
प्रशासनिक स्वीकृति थी, पैसा नहीं यहीं हुई सबसे बड़ी भूल
पॉडकास्ट में सामने आया कि इसी स्थल पर नगर के एकमात्र महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय का नया भवन प्रस्तावित था। इसके लिए डीएमएफटी मद से करीब ₹2 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी, लेकिन चुनाव आचार संहिता के कारण वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं हो सकी।
इसके बावजूद भवन को गिरा दिया गया। नतीजा न पुराना स्कूल बचा, न नया बन पाया।


तीन साल बाद भी मलवा, न निर्णय न जवाबदेही
पॉडकास्ट में यह तथ्य भी सामने आया कि जमीदोंज स्थल नगर के सबसे व्यस्त और मुख्य बाजार क्षेत्र में स्थित है, लेकिन आज भी वहां सिर्फ मलवा पड़ा है। इसी भवन में कभी कक्षा 1 से 8 तक के बच्चे पढ़ते थे।
राजौरा ने कहा कि भवन गिराने के बाद न शिक्षा विभाग, न पंचायत और न ही नगरपालिका स्तर पर कोई ठोस रोडमैप तय किया गया।
भूमि शिक्षा विभाग की, फिर भी अफवाहों का बाजार
फोकस लाइव पॉडकास्ट में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा कि भूमि लंबे समय से शिक्षा विभाग के अधीन है। पूर्व में ग्राम पंचायत द्वारा यह भूमि शिक्षा विभाग को दी गई थी और उस समय यहां मौजूद कब्जाधारियों को अन्यत्र भूखंड आवंटित किए गए थे। कई पट्टों में इसका स्पष्ट उल्लेख मौजूद है।
इसके बावजूद नगर में अफवाहें फैलाई गईं कि इस भूमि को नगर पालिका के अधीन लेकर सड़क चौड़ीकरण, पार्किंग, कियोस्क या वॉक-वे बनाया जाएगा।
कॉमर्शियल नजरों की आशंका भी पॉडकास्ट में उजागर
पॉडकास्ट के दौरान यह भी सामने आया कि मुख्य बाजार में स्थित इस बेशकीमती भूमि पर कुछ प्रभावशाली लोगों की नजर होने की चर्चाएं लंबे समय से चल रही हैं। आरोप है कि संभावित कॉमर्शियल उपयोग की मंशा से विद्यालय निर्माण को ठंडे बस्ते में डाला गया। हालांकि, इस पर अब तक कोई आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई।
जन-संवाद की कमी सबसे बड़ी खामी
हितेन्द्र सिंह राजौरा ने पॉडकास्ट में साफ कहा कि इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ी कमी जन-संवाद की रही। न भवन गिराने से पहले अभिभावकों व नागरिकों से राय ली गई, न बाद में स्थिति स्पष्ट की गई।
उन्होंने मांग की कि भवन तोड़ने में हुई लापरवाही की जांच हो और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाए।

नगरपालिका का पक्ष भी पॉडकास्ट के बाद सामने आया
इस मुद्दे पर नगर पालिका बिजोलिया के अधिशासी अधिकारी पंकज कुमार मंगल का कहना है जमीदोंज स्थल पर सुरक्षा और सफाई को ध्यान में रखते हुए चारदीवारी कराई गई है। फिलहाल उक्त स्थान को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं किया गया है।
पॉडकास्ट से उठा सवाल अब आगे क्या?
भीलवाड़ा फोकस लाइव पॉडकास्ट ने इस मामले को फिर जनचर्चा में लाकर प्रशासन के सामने सीधा सवाल खड़ा कर दिया है-क्या तीन साल बाद भी शिक्षा के नाम पर गिराई गई इमारत का भविष्य यूं ही अधर में रहेगा, या सरकार व विभाग समयबद्ध निर्णय लेकर जिम्मेदारी निभाएंगे?
क्षेत्रवासियों की मांग है कि या तो तुरंत विद्यालय भवन निर्माण शुरू किया जाए या भूमि के उपयोग को लेकर स्पष्ट, लिखित और सार्वजनिक निर्णय लिया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था पर लगे सवालों का जवाब मिल सके।
