*शोभायात्रा में सनातन के जयकारों की गूंज, मातृशक्ति ने सिर पर धारण किए मंगलकलश ; *भव्य कलश शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत, संत महात्माओं के साथ शामिल हुए श्रद्धालुगण*

BHILWARA
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*हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह का विधिपूर्वक आगाज*


भीलवाड़ा, 19 फरवरी। धर्मनगरी भीलवाड़ा में गुरूवार को आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह का भव्य आगाज विशाल मंगल कलश शोभायात्रा के साथ हो गया। शोभायात्रा में शामिल होने के लिए मातृशक्ति के साथ श्रद्धालु भी उमड़ पड़े। को हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर भीलवाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज के मार्गदर्शन में होने वाले इस आयोजन की कलश शोभायात्रा में भीलवाड़ा के प्रमुख संत महात्माओं के साथ समाज के विभिन्न वर्गो से जुड़ी मातृशक्ति उत्साह से शामिल हुई।

सुबह 9.15 बजे श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर से प्रारंभ मंगल कलश शोभायात्रा में 1008 मातृशक्ति सिर पर मंगल कलश धारण करके चल रही थी। शोभायात्रा में महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज के साथ सासंद दामोदर अग्रवाल, महामंडलेश्वर स्वामी हितेशवरानंद महाराज, श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर, महंत प्रकाशमुनी, स्वामी वेदांनंद, संत सेवादास, संत श्रवण मुनि, महंत आसन दास, संत नरेश मुनि, महंत स्वरुप दास उदासीन, महंत हनुमान राम उदासीन,


संत हंसदास, संत मोहन दास, संत संतदास, स्वामी ईश्वर दास, स्वामी दर्शन दास, संत स्वरुप दास, संत गौतम दास, संकटमोचन हनुमान मंदिर के महन्त बाबू गिरी महाराज, हनुमान टेकरी के महन्त बनवारी शरण काठिया बाबा, हाथीभाटा आश्रम के महन्त संतदास महाराज, निम्बार्क आश्रम के महन्त मोहनशरण शास्त्री, पुजारी मुरारी पांडे, संत मायाराम, संत गोविंद राम, ब्रह्मचारी इंद्रदेव, कुनाल, सिद्धार्थ, मिहिर, पंडित सत्यनारायण शर्मा आदि शामिल हुए।

व्यास पीठ पर रखे जाने वाला श्रीमद् भागवत का ग्रंथ शोभायात्रा में संत महात्मा अपने सिर पर धारण करके चले। शोभायात्रा गोल प्याउ, सूचना केन्द्र चौराहा, आजाद चौक, वीर सावरकर चौक होते हुए हरि शेवा आश्रम सनातन मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा के लिए बनाए हुए विशाल पांडाल में पहुंची। शोभायात्रा में सबसे आगे अश्व सवार धर्म ध्वज लिए हुए था तो उसके पीछे दुपहिया वाहनों पर बेटियां भगवा ध्वज लिए हुए थी। जुलूस में कान्हा आन बसो वृन्दावन में उमर बीत गई गोकुल में जैसी मधुर स्वर लहरिया बिखेर रहे बैण्ड के पीछे दुर्गा शक्ति अखाड़ा की बेटियां सनातन मंगल महोत्सव ओर जयश्री राम लिखी धर्म ध्वजा फहराते हुए चल रही थी। इनके पीछे सिर पर कलश धारण किए तीन-तीन की कतार में हजारों की तादाद में मातृशक्ति वंदेमातरम, जयश्री राम, राधे-राधे के जयकारे लगाते हुए चल रही थी। मातृशक्ति ने चुंदड़ या आयोजन के लिए तैयार विशेष साड़िया पहन रखी थी। इनके पीछे वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज के साथ भगवा वस्त्र पहने ओर हाथों में ॐ लिखी ध्वज पताकाएं लिए श्री जोगणिया माता शक्तिपीठ वेद विद्यालय के छात्र चल रहे थे। शोभायात्रा के स्वागत के लिए शहरवासी उमड़े पड़े ओर जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। कलश शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह स्वागत द्वार भी लगाए गए थे। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु हाथों में सनातन मंगल महोत्सव लिखे ध्वज लेकर भी चलते रहे। सनातन सेवा समिति एवं हंसगंगा हरि शेवा मण्डल के सदस्य भी उत्साह से शोभायात्रा में शामिल थे। कलश शोभायात्रा के कथा स्थल पर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। महोत्सव के तहत 25 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 1 से शाम 4 बजे तक श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर के मुखारबिंद से श्रीमद भागवत कथा का वाचन होगा।



*महोत्सव के साथ विविध धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ*

मंगल कलश यात्रा के साथ सनातन मंगल महोत्सव का आगाज होने के साथ ही महोत्सव के दौरान होने वाले विविध धार्मिक अनुष्ठान भी शुरू हो गए। विश्व शांति, सर्व संकट निवारण एवं विश्व कल्याण की भावना से सुबह 8 बजे से वैदिक अग्नि अनुष्ठान पंचकुण्डीय श्री विष्णु महायज्ञ प्रारंभ हुआ। इसी तरह सुबह 8 बजे से श्री अष्टोतर शत (108) भागवत मूल पाठ एवं शतचण्डी पाठ भी प्रतिदिन होगा। सनातन मंगल महोत्सव के दौरान अनवरत अखण्ड श्रीमद् भगवतगीता पाठ, श्री रामचरितमानस पाठ, श्रीचंद सिद्धांत सागर पाठ, अखण्ड श्री रामनाम संकीर्तन भी प्रारंभ हो गया है। काशी के यज्ञाचार्य कामेश्वरनाथ तिवारी के सानिध्य में यज्ञ सम्पादन एवं चारों वेद के मूल पाठ का पारायण हो रहा है।

प्रतिदिन शाम 7 बजे से श्रीधाम वृन्दावन के रसिकाचार्य कुंजबिहारी शर्मा श्री निकुंज बिहारी रासलीला मण्डल के लीलाकारों द्वारा रासलीला का आयोजन होगा। महोत्सव में प्रतिदिन शाम 6 बजे से काशी की तर्ज पर गंगा आरती का आयोजन होगा। इन सभी कार्यक्रमों की पूर्णाहुति 25 फरवरी को होगी। दीक्षा दान समारोह की पूर्व संध्या पर 25 फरवरी को भव्य संत दर्शन एवं सनातन शोभायात्रा का आयोजन होगा। सनातन मंगल महोत्सव के अंतिम दिन दीक्षा दान समारोह एवं संत समागम का मुख्य आयोजन 26 फरवरी को सुबह 9 बजे से हरिशेवाधाम परिसर में बने विशाल पांडाल में होगा।