शाहपुरा-मूलचन्द पेसवानी
राजस्थान विधानसभा के सदन में गुरुवार को शाहपुरा का मुद्दा फिर गरमाया। विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने पूर्ववर्ती सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “राजनीतिक घोषणाओं के दम पर झूठी वाहवाही लूटी गई, लेकिन जनता ने सच्चाई पहचान ली, इसलिए आज वही सरकार विपक्ष में बैठी है।”
विधायक बैरवा ने कहा कि पूर्व सरकार ने जिलों की घोषणाओं को राजनीति का हथियार बनाया और राजस्थान के लोगों को आपस में लड़ाने का काम किया।
शाहपुरा का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने सरकार से दो टूक मांग की कि शाहपुरा को पुनः जिला बनाने पर गंभीरता से विचार किया जाए। बैरवा ने कहा कि सिर्फ घोषणा नहीं, बल्कि योजनाबद्ध विकास के साथ शाहपुरा को जिला बनाया जाए ताकि आमजन को प्रशासनिक सुविधाएं, रोजगार और बुनियादी ढांचे का वास्तविक लाभ मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि शाहपुरा ऐतिहासिक, भौगोलिक और प्रशासनिक दृष्टि से जिला बनने की सभी कसौटियों पर खरा उतरता है। “यह क्षेत्र लंबे समय से जिला बनने की प्रतीक्षा में है,


अब टालमटोल नहीं चलेगी,” उनके इस बयान पर सदन में सियासी हलचल देखी गई।
विधानसभा में उठी इस आवाज से शाहपुरा के लोगों में नई उम्मीद जगी है। अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि शाहपुरा को फिर से जिला बनाने की दिशा में कब और कैसे ठोस निर्णय लिया जाता है।





