भीलवाड़ा के रीको थर्ड फेज में कपड़ा गोदाम में भीषण आग ; आसमान में उठा काले धुएं का गुबार, हड़कंप, 6 दमकलें जुटीं बुझाने में, लाखों के नुकसान की आशंका

BHILWARA
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भीलवाड़ा। मूलचन्द पेसवानी
औद्योगिक नगरी भीलवाड़ा के रीको एरिया थर्ड फेज में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक कपड़ा गोदाम में भीषण आग लग गई। आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और दो से तीन गोदामों को अपनी चपेट में ले लिया। आसमान में उठते काले धुएं के घने गुबार और ऊंची-ऊंची लपटों को देखकर आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई।


प्रताप नगर थाने के सहायक उप निरीक्षक विजय सिंह के अनुसार, थर्ड फेज स्थित एमडी क्रिएशन के गोदाम में अज्ञात कारणों से आग लगी। प्रारंभिक तौर पर आग एक गोदाम में लगी, लेकिन वहां रखे कपड़े और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। गोदाम के पीछे स्थित दूसरे परिसर तक भी आग पहुंच गई, जिससे नुकसान और बढ़ गया। आग इतनी भीषण थी कि दूर-दूर से इसकी भयावहता साफ नजर आ रही थी।


सूचना मिलते ही दमकल विभाग की पांच से छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। आग की तीव्रता को देखते हुए अतिरिक्त संसाधन भी लगाए गए। दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई घंटों तक पानी की बौछार कर लपटों को काबू में लाने का प्रयास जारी रहा। फैक्ट्री परिसर के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाकर आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई।


आग लगते ही आसपास के क्षेत्रों में अफरातफरी मच गई। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास करने लगे। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने भीड़ को हटाकर राहत कार्यों को सुचारू रूप से चलाया। गनीमत रही कि इस हादसे में अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन फैक्ट्री और गोदाम में रखा कपड़ा, तैयार माल और मशीनरी जलकर खाक होने की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।


फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। विद्युत शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। प्रशासन की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है और फैक्ट्री प्रबंधन से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
रीको क्षेत्र में लगी इस भीषण आग ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद स्थानीय उद्यमियों में चिंता का माहौल है। जिला प्रशासन ने फैक्ट्रियों और गोदामों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।