जयपुर/मांडलगढ़। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मांडलगढ़ विधायक श्री गोपाल खंडेलवाल ने क्षेत्र की जनता और पशुपालकों के हितों को प्रमुखता से सदन के पटल पर रखा। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक खंडेलवाल ने मांडलगढ़ के ‘खेराड़ क्षेत्र’ की भौगोलिक परिस्थितियों और पशुपालन पर निर्भरता का हवाला देते हुए पशु चिकित्सालयों को क्रमोन्नत (Upgrade) करने की पुरज़ोर मांग की।
विधायक खंडेलवाल ने सदन में कहा कि मांडलगढ़ का एक बड़ा हिस्सा खेती के बजाय पशुपालन पर टिका है। उन्होंने क्षेत्र के माल का खेड़ा पशु चिकित्सालय को प्रथम श्रेणी में क्रमोन्नत करने और सुखपुरा पशु उप-केंद्र को पूर्ण पशु चिकित्सालय में बदलने की आवश्यकता जताई। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न अस्पतालों में रिक्त पड़े डॉक्टरों और कंपाउंडरों के पदों को भरने तथा चिकित्सा सुविधाओं को सुचारू बनाने का मुद्दा भी गंभीरता से उठाया।


मंत्री ने दिया आश्वासन:
विधायक खंडेलवाल के सवालों का जवाब देते हुए पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार पशु चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री जी ने घोषणा की कि बजट घोषणा (बिंदु संख्या 188) के अंतर्गत प्रदेश के 50 पशु चिकित्सालयों को प्रथम श्रेणी में क्रमोन्नत किया जा रहा है, जिसमें मांडलगढ़ के ‘माल का खेड़ा’ पशु चिकित्सालय को भी प्रथम श्रेणी में क्रमोन्नत करने की कार्रवाई प्राथमिकता से की जाएगी।
विधायक गोपाल खंडेलवाल के इन प्रयासों से क्षेत्र के हजारों पशुपालकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी और पशुधन के संरक्षण में मदद मिलेगी।

