भीलवाड़ा में चेटीचंड महापर्व की तैयारियां तेज15 मार्च को सिंधी समाज के शिक्षकों का सम्मान, 19 को निकलेगी एकता वाहन रैली

BHILWARA
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भीलवाड़ा। मूलचन्द पेसवानी
सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल के प्राकट्य दिवस चेटीचंड महापर्व 2026 को लेकर भीलवाड़ा में समाजजनों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस अवसर पर शहर में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जिसमें समाज के लोग बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।
सिंधी समाज के मीडिया प्रभारी मूलचंद बहरवानी ने बताया कि चेटीचंड महापर्व का शुभारंभ रविवार 15 मार्च को प्रातः 11 बजे नाथद्वारा सराय स्थित झूलेलाल मंदिर में होगा। यह कार्यक्रम हेमराजमल साहब सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर सिंधी समाज के शिक्षाविदों और शिक्षकों का सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें समाज के शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।


उन्होंने बताया कि उसी दिन शाम को मंदिर परिसर में पूज्य बहराणा साहब की स्थापना की जाएगी तथा पवित्र ज्योति प्रज्वलित कर भजन-संगत का आयोजन होगा। इसके साथ ही पारंपरिक छेज नृत्य, पुष्प वर्षा और अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाजजन भगवान झूलेलाल के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था व्यक्त करेंगे।
कार्यक्रमों की कड़ी में गुरुवार 19 मार्च को सुबह 9.30 बजे चित्रकूट धाम से सकल सिंधी समाज की एकता वाहन यात्रा निकाली जाएगी। युवा समाजसेवियों के निर्देशन में आयोजित इस वाहन रैली में बड़ी संख्या में समाज के लोग अपने वाहनों के साथ शामिल होंगे। इस रैली का उद्देश्य समाज में एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करना है।


चेटीचंड महापर्व का मुख्य आयोजन शुक्रवार 20 मार्च को होगा। इस दिन दादा साहब हेमराज मल भगत झूलेलाल मंदिर में सुबह से ही देश के विभिन्न शहरों से आए बच्चों के सामूहिक मुंडन संस्कार और यज्ञोपवीत संस्कार आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही पूरे दिन मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, छेज और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहेगा।
शाम को लगभग 5 बजे मंदिर परिसर से सकल सिंधी समाज की विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें भगवान झूलेलाल की झांकी, भक्ति संगीत और पारंपरिक छेज नृत्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी, जहां श्रद्धालु भगवान झूलेलाल के जयकारों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लेंगे।