धुएं के गुबार में घुट रही सांसें, जिला अस्पताल के पीछे कचरा जलाने से लोग परेशान

BHILWARA
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नगर पालिका पर लापरवाही के आरोप, शिक्षण संस्थानों और मरीजों के स्वास्थ्य पर मंडराया खतरा
शाहपुरा। मूलचनद पेसवानी
शाहपुरा के जिला अस्पताल के पीछे स्थित क्षेत्र इन दिनों धुएं के गुबार से जूझ रहा है। नगर पालिका द्वारा यहां लंबे समय से डाला जा रहा कचरा जब-तब आग के हवाले कर दिया जाता है, जिससे उठने वाला काला धुआं आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को सांस लेना तक मुश्किल हो रहा है और पूरा क्षेत्र दिनभर जहरीले धुएं की चपेट में रहता है।


स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका के कर्मचारी शहर भर से कचरा एकत्र कर जिला अस्पताल के पिछवाड़े लाकर डाल देते हैं। जब कचरे का ढेर अधिक हो जाता है तो उसे वहीं पर जला दिया जाता है। कचरा जलाने से उठने वाला घना धुआं आसपास के मोहल्लों, कॉलोनियों और संस्थानों तक फैल जाता है। इससे लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और बच्चों, बुजुर्गों तथा मरीजों के लिए स्थिति और भी गंभीर बन गई है।
इस क्षेत्र की खास बात यह है कि यहां आसपास कई महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं। पास ही जैन नसियां मंदिर और शिव मंदिर जैसे धार्मिक स्थल हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके अलावा निजी क्षेत्र के आईपीएस स्कूल और इम्मानुएल स्कूल, सरकारी क्षेत्र का राउप्रावि कुंडगेट स्कूल, कन्या महाविद्यालय सहित चार कोचिंग संस्थान भी इसी मार्ग पर संचालित हो रहे हैं। वहीं दो रेस्टोरेंट, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और नगर पालिका कॉलोनी में भी बड़ी संख्या में परिवार निवास कर रहे हैं। ऐसे में कचरा जलाने से उठने वाला धुआं सीधे तौर पर सैकड़ों लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां कचरा डालने का कोई अधिकृत स्थान नहीं है, इसके बावजूद नगर पालिका कर्मचारी लगातार यहां कचरा डालते आ रहे हैं। दिन में कई बार कचरे के ढेर से धुआं उठता रहता है, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध और धुंध जैसा माहौल बन जाता है। नागरिकों का कहना है कि धुएं के कारण आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। कई लोगों ने तो घरों की खिड़कियां बंद रखना शुरू कर दिया है ताकि धुआं अंदर न घुसे।
लोगों का यह भी आरोप है कि जिस कॉलोनी में वे रहते हैं वहां नियमित सफाई तक नहीं करवाई जाती, लेकिन शहर का कचरा उठाकर उनके ही इलाके में डाल दिया जाता है। इससे कॉलोनी की स्वच्छता और पर्यावरण दोनों प्रभावित हो रहे हैं।


स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नागरिकों ने कहा कि वर्तमान में नगर पालिका में एसडीओ प्रशासक के रूप में कार्यरत हैं, ऐसे में उनसे उम्मीद है कि वे इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देंगे। नागरिकों ने मांग की है कि इस स्थान से कचरे के ढेर को अभियान चलाकर हटाया जाए और भविष्य में यहां कचरा डालने तथा जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को धुएं की इस समस्या से राहत मिल सके और उनका जीवन फिर से सामान्य हो सके।