अंतरजातीय विवाह मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दंपति को दी सुरक्षा

BHILWARA
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अंतरजातीय विवाह मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दंपति को दी सुरक्षा

शोक संदेश छपवाने वाले पिता को मृत्युभोज से रोका, पुलिस ने की निरोधात्मक कार्रवाई

भीलवाड़ा ।

अंतरजातीय विवाह के एक संवेदनशील मामले में भीलवाड़ा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बालिग दंपति को सुरक्षा प्रदान की और सामाजिक तनाव को बढ़ने से रोक दिया। साथ ही, बेटी के विवाह से आहत होकर शोक संदेश छपवाने वाले पिता को मृत्युभोज आयोजित करने से पाबंद किया गया है।

पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार आर्य के निर्देशन एवं वृताधिकारी रेवडमल मोर्य के सुपरविजन में थाना शक्करगढ़ पुलिस ने मामले में सक्रियता दिखाई।

थाना पुलिस ने 20 मार्च को आमल्दा निवासी 27 वर्षीय आकांक्षा कानावत अपने पति ओमप्रकाश जिंदड़ के साथ उपस्थित हुई। महिला ने बताया कि उसने 4 मार्च 2025 को अपनी इच्छा से आर्य समाज अजमेर में विवाह किया था।

करीब एक माह से वह पीहर में रह रही थी। जब उसका पति उसे लेने आया तो परिजनों ने विरोध करते हुए उसे साथ जाने से रोकने का प्रयास किया।

पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने में बुलाकर समझाइश की। युवती के बयान वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए गए, जिसमें उसने स्पष्ट रूप से अपनी मर्जी से विवाह करने और पति के साथ जाने की इच्छा जताई।इसके बाद पुलिस ने दंपति को सुरक्षित रूप से जयपुर रवाना किया।

21 मार्च को एक समाचार पत्र में “बेटी का त्याग कर शोक संदेश छपवाने” की खबर प्रकाशित होने के बाद मामला और चर्चा में आया। जांच में सामने आया कि युवती के पिता देवेन्द्र सिंह कानावत ने सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होने के कारण यह कदम उठाया था।

पुलिस ने पिता को तलब कर समझाइश दी, जिसके बाद उन्होंने मृत्युभोज या बैठक नहीं करने का आश्वासन दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए इस्तगासा न्यायालय में पेश किया।