बिजौलियां। शुभम जैन ।
कस्बे की राजभवानी वाटिका शुक्रवार को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आई, जब अर्हम ध्यान योग शिविर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। जैन मुनि प्रणम्य सागर के सानिध्य में आयोजित इस शिविर में लोगों ने ध्यान, योग और संयमित जीवनशैली के महत्व को आत्मसात किया।

मुनि प्रणम्य सागर ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य यदि अपने जीवन में ध्यान और योग को अपनाता है, तो वह न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकता है, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से भी सशक्त बनता है। उन्होंने पंच मुद्राओं के माध्यम से शरीर और चेतना के संतुलन का अभ्यास करवाते हुए बताया कि नाभि, हृदय, कंठ, भृकुटि और मस्तिष्क ये पांचों केंद्र जीवन ऊर्जा के प्रमुख आधार हैं।


उन्होंने उपस्थित जनसमूह को सरल भाषा में समझाया कि आहार और व्यवहार का सीधा असर शरीर और मन पर पड़ता है। इसलिए भोजन हमेशा शांत वातावरण में, पद्मासन में बैठकर और बिना किसी इलेक्ट्रॉनिक व्यवधान के करना चाहिए। उन्होंने सुबह और भोजन के बाद गुनगुना पानी पीने को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत बालिका मंडल द्वारा मंगलाचरण से हुई, जिसके बाद विभिन्न मंदिर समितियों के पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान पुण्यार्जक परिवारों ने मुनि का पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
शिविर में आसपास के कई गांवों और कस्बों से आए श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। समापन अवसर पर मंदिर कमेटी द्वारा मुनि को चातुर्मास हेतु श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
