कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल प्रियकांत शर्मा को भावभीनी विदाईसेवानिवृत्ति पर शाहपुरा में उमड़ा सम्मान का सैलाब

BHILWARA
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शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
वर्षों की ईमानदार सेवा और कर्तव्यनिष्ठा की अमिट छाप छोड़ने वाले उपकोषाधिकारी प्रियकांत शर्मा को आज उनके सेवानिवृत्ति के अवसर पर कार्यालय परिवार और शहरवासियों ने भावभीनी विदाई दी। यह सिर्फ एक औपचारिक विदाई नहीं, बल्कि एक ऐसे कर्मयोगी को नमन था, जिसने अपने कार्यकाल में सादगी, सत्यनिष्ठा और जिम्मेदारी का अनुपम उदाहरण पेश किया।
कार्यालय परिसर का माहौल आज भावनाओं से सराबोर नजर आया। जैसे ही प्रियकांत शर्मा अपने साथियों के बीच पहुंचे, तालियों की गूंज और पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत हुआ। हर चेहरे पर मुस्कान थी, लेकिन आंखों में विदाई की नमी भी साफ झलक रही थी। सहकर्मियों ने उन्हें माल्यार्पण कर शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने प्रियकांत शर्मा के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपनी सेवा के दौरान हमेशा नियमों और मूल्यों को सर्वोपरि रखा। उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और हर परिस्थिति में निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में जब ईमानदारी और पारदर्शिता की मिसालें कम देखने को मिलती हैं, ऐसे में प्रियकांत शर्मा जैसे अधिकारी समाज और प्रशासन दोनों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
समारोह में उपस्थित सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने भी उन्हें सम्मानित करते हुए उनके योगदान को सराहा। सभी ने एक स्वर में कहा कि शाहपुरा को उनकी सेवाओं पर गर्व है और उनकी कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनेगी।
कार्यालय के मुख्य द्वार पर स्टांप विक्रेताओं द्वारा किया गया स्वागत समारोह भी खास आकर्षण का केंद्र रहा। यहां पर प्रियकांत शर्मा का पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में साफा बांधकर अभिनंदन किया गया। इस दौरान माहौल पूरी तरह से उत्सवमय हो गया और सभी ने तालियों की गूंज के बीच उनका अभिनंदन किया।
स्टांप वेंडर भगवान सिंह यादव, सुनील शर्मा, अतुल पारीक, देव पाराशर, राधे शर्मा सहित अन्य साथियों ने कहा कि प्रियकांत शर्मा ने हमेशा सभी के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखा और हर किसी की समस्या को गंभीरता से सुना। उनकी सरलता और मिलनसार स्वभाव ने उन्हें सभी के दिलों में खास स्थान दिलाया।
इस मौके पर कवि दिनेश बंटी और गीतकार सत्येंद्र मंडेला ने अपने भावपूर्ण शब्दों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व को शब्दों में पिरोते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। वहीं पत्रकार मूलचन्द पेसवानी और नवरतन चौधरी सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी उन्हें मार्ल्यापण करके व साफा बंधवा कर सम्मानित किया।
अपने विदाई संबोधन में प्रियकांत शर्मा ने भावुक होते हुए कहा कि शाहपुरा में बिताए गए उनके सेवा के दिन उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण और यादगार पल रहेंगे। उन्होंने सभी सहकर्मियों, अधिकारियों और शहरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें यहां हमेशा परिवार जैसा स्नेह और सहयोग मिला। अंत में समारोह का माहौल भावुक हो उठा, जब सभी ने उन्हें शुभकामनाओं के साथ विदा किया। यह विदाई एक अधिकारी के सेवानिवृत्त होने भर की नहीं थी, बल्कि एक युग के समापन और एक प्रेरणादायक यात्रा के सम्मान की कहानी बन गई।