भीलवाड़ा, मूलचंद पेसवानी
श्री महाशिवपुराण कथा के श्रवण हेतु पहली बार मेवाड़ की पावन धरा भीलवाड़ा पहुंचे प्रख्यात कथावाचक ‘कुबेर भंडारी’ पं. प्रदीप मिश्रा की कथा में आस्था का अद्भुत सैलाब उमड़ रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के चलते करीब साढ़े चार लाख वर्ग फीट क्षेत्र में बना विशाल पांडाल भी छोटा पड़ता नजर आ रहा है।

कथा के चौथे दिन शनिवार को हालात यह रहे कि दोपहर एक बजे से पहले ही पांडाल पूरी तरह भर गया और देर से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बैठने तक की जगह नहीं मिल सकी। आयोजन स्थल पर तीन विशाल डोम और पाइप पांडाल में लगातार अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
“भगवान को भावना चाहिए, दौलत नहीं” – पं. मिश्रा
संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरीजी महाराज के सानिध्य में चल रही कथा में पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव को धन-दौलत नहीं, सच्ची भावना प्रिय है। यदि मन शुद्ध हो तो घर का जल भी गंगाजल के समान हो जाता है।
उन्होंने कहा कि “चरण उसी के स्पर्श करने चाहिए जिसका आचरण श्रेष्ठ हो। माता-पिता और पति के चरण स्पर्श करने चाहिए, वहीं पति को भी पत्नी के मन को समझने का प्रयास करना चाहिए।”
उन्होंने जीवन में मुस्कान बनाए रखने और गुरु के विचारों को आत्मसात करने पर जोर दिया।
“भीलवाड़ा में शिव का कुंभ लगा है”
पं. मिश्रा ने भीलवाड़ा में उमड़ी श्रद्धा को देखते हुए कहा कि 42 डिग्री तापमान में भी श्रद्धालुओं का उत्साह यह दर्शाता है कि यहां “शिव का कुंभ” लगा हुआ है। उन्होंने आयोजन के प्रेरक महंत बाबूगिरी महाराज और आयोजन समिति की सेवा भावना की सराहना की।
अहंकार त्याग से ही मिलेंगे शिव
कथा के दौरान उन्होंने कहा कि शिव से मिलने के लिए जीवन में सरलता और सादगी जरूरी है। “मैं और मेरा” का त्याग कर अहंकार छोड़ने पर ही भगवान की प्राप्ति संभव है।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु
कथा के दौरान जैसे ही मंच से “कर दिया मालामाल काशी वाले ने” भजन गूंजा, हजारों श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे। पूरा पांडाल भक्ति रस में डूबा नजर आया। कई श्रद्धालुओं ने मंच पर आकर अपने अनुभव साझा किए, जिनकी समस्याएं शिव भक्ति से दूर हुईं।
हनुमान चालीसा पाठ और रक्तदान शिविर
कथा से पूर्व प्रतिदिन दोपहर 12 से 1 बजे तक हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया जा रहा है। वहीं रविवार को महाप्रज्ञ भवन में सुबह 8 से 12 बजे तक रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया जाएगा।
आकर्षण का केंद्र बनी सजीव झांकियां
प्रतिदिन कथा विश्राम से पूर्व भगवान शिव से जुड़ी सजीव झांकियां प्रस्तुत की जा रही हैं। चौथे दिन शिव-पार्वती और गणेश की झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
समय पूर्व पहुंचने की अपील
रविवार को अवकाश होने के कारण अधिक भीड़ की संभावना को देखते हुए आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से समय पूर्व पहुंचने की अपील की है। साथ ही कीमती आभूषण न पहनने और अपने सामान की सुरक्षा रखने का अनुरोध भी किया गया है।
विधायक अशोक कोठारी ने भक्तों के बीच बैठकर सुनी कथा
भीलवाड़ा विधायक एवं आयोजन समिति अध्यक्ष अशोक कोठारी ने पांडाल के अंतिम छोर पर आम श्रद्धालुओं के बीच बैठकर कथा श्रवण कर सादगी और समर्पण का संदेश दिया।
