बिजोलिया — सावन मास की पूर्णिमा पर तीर्थ नगरी श्री तिलस्वां महादेव और कस्बे के मंदाकिनी महादेव मंदिर में श्रावणी उपाक्रम व हेमाद्रि स्नान श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ। दोनों ही स्थानों पर श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र कुंड में स्नान कर शारीरिक, मानसिक और आत्मशुद्धि का संकल्प लिया।

इस दौरान गौमूत्र, गोबर, पीली मिट्टी (मृत्तिका), दूध, दही, शक्कर, फल, स्वर्ण, कुशा और भस्म से दशविधि हेमाद्रि स्नान किया गया। तिलस्वा मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष रमेश चंद्र अहीर और सचिव मांगीलाल धाकड़ ने बताया कि आचार्य छीतरलाल गोड़ के सान्निध्य में प्रायश्चित संकल्प, सूर्याराधन, तर्पण, सूर्योपस्थान, अग्निहोत्र और ऋषि पूजन सम्पन्न हुआ।
इसी प्रकार, मंदाकिनी महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने पारंपरिक विधि-विधान से स्नान व पूजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु शामिल हुए।
