कोटड़ी उपखंड क्षेत्र के हाजीवास गांव में बुधवार सुबह बछ बारस पर्व पर महिलाओं ने पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ गौमाता की पूजा-अर्चना की। सुबह करीब 9 बजे ग्रामीण महिलाएं सजधजकर एकत्र हुईं और विधि-विधान से पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं संतान की दीर्घायु की कामना की।
गांव की महिलाओं ने मंगल गीत गाते हुए गौमाता को स्नान कराया और उन्हें हल्दी, रोली, चावल व दूब अर्पित की। बछड़ों को तिलक कर फूलमालाएं पहनाई गईं तथा उनकी आरती उतारी गई। पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण कर एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दी गईं।
आदिवासी समाज में बछ बारस का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन गाय और बछड़े की पूजा करने से घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और संतान के जीवन में स्वास्थ्य व समृद्धि की वृद्धि होती है।
पूरे हाजीवास गांव में दिनभर धार्मिक वातावरण और उत्साह का माहौल नजर आया।
