आकोला (रमेश चंद्र डाड)।
जीवा का खेड़ा ग्राम पंचायत के श्रीपुरा गांव में पिछले दो वर्षों से क्षतिग्रस्त आंगनबाड़ी भवन अब तक मरम्मत या पुनर्निर्माण की बाट जोह रहा है। भवन की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं और फर्श भी पूरी तरह से टूट चुका है, जिससे संभावित हादसों को टालने के लिए ताले लगाकर भवन बंद कर दिया गया है।

स्थिति यह है कि आंगनबाड़ी सहायिका को अपने निजी घर में बच्चों को पढ़ाना पड़ रहा है, लेकिन स्थान की कमी के कारण सभी 131 नामांकित बच्चों को एक साथ नहीं बुलाया जा सकता। इस केंद्र में श्रीपुरा, थंला और कांलाकुंआ गांवों के बच्चे पंजीकृत हैं।
दो वर्षों से कार्यकर्ता पद भी रिक्त पड़ा है। विभाग द्वारा सप्ताह में केवल दो दिन किसी अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जबकि शेष दिनों में आंगनबाड़ी सहायिका और आशा सहयोगिनी के भरोसे केंद्र संचालन किया जा रहा है।
बरसात के दिनों में भवन न होने के कारण अक्सर बच्चों की छुट्टी करनी पड़ती है, जिससे बाल विकास योजनाओं पर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द नया भवन बनवाने की मांग की है।
