गाडोलिया लोहार समाज का दीपक बना पहली बार में आरएएस अधिकारी, 23 की उम्र में रचा इतिहास

BHILWARA
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मुश्किलों से लड़कर, हौसले से जीता सपनों का सफर

बिजोलिया । कहते हैं, अगर हौसले बुलंद हों तो मंज़िल खुद रास्ता दिखा देती है। इसी कहावत को सच कर दिखाया है बिजोलिया के रसदपुरा-आरोली के 23 वर्षीय दीपक गाडोलिया पुत्र प्रेमकुमार गाडोलिया ने, जिन्होंने पहले ही प्रयास में आरएएस परीक्षा पास कर एमबी वर्ग में 381वीं रैंक हासिल की है।

दीपक की यह सफलता सिर्फ एक परीक्षा जीतने की नहीं, बल्कि समाज के लिए उम्मीद की नई सुबह है। गाडोलिया लोहार समाज से पहला RAS अधिकारी बनने का गौरव हासिल करने वाले दीपक ने कहा हमारे समाज में इससे पहले कोई प्रशासनिक सेवा में नहीं था। यह सफर आसान नहीं था, लेकिन विश्वास और मेहनत ने राह बना दी।


दीपक ने दसवीं तक की पढ़ाई अपने गांव रसदपुरा में की, बारहवीं झुंझुनू से और ग्रेजुएशन सीकर से पूरा किया। इसके बाद जयपुर में रहकर आरएएस की तैयारी की। वे बताते हैं  शुरुआत में सब कुछ मुश्किल लगता था, लेकिन निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास ही सफलता की चाबी है।

उनकी इस उपलब्धि से पूरे उपखंड क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों ने घर पंहुच दीपक का स्वागत किया और शुभकामनाएं दी ।

दीपक कहते हैं, मैं चाहता हूं कि मेरे समाज के बच्चे भी बड़े सपने देखें। शुरुआत में रास्ते कठिन होंगे, पर मंज़िल जरूर मिलेगी।

दीपक की सफलता ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को गर्व से भर दिया है और यह साबित कर दिया कि जज़्बा सच्चा हो तो कोई मंज़िल दूर नहीं।