दो बार की मेहनत और आत्म-अध्ययन के दम पर हासिल की 92वीं रैंक
आसींद। गांगलास पंचायत के उदलपुरा निवासी शिवराज कुमावत ने RAS परीक्षा 2023 में 92वीं रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि अगर मेहनत और लगन सच्ची हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

शिवराज ने 2019 से तैयारी शुरू की थी। उनके पिता कन्यालाल कुमावत कृषि कार्य करते हैं और बेटे की पढ़ाई के लिए आइसक्रीम की फेरी भी लगाई। शिवराज ने दो साल जयपुर में तैयारी की और 2020 से 2025 तक सेल्फ स्टडी के जरिए मेहनत जारी रखी। पहले प्रयास में उनकी रैंक 1302 थी, लेकिन दूसरी बार उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर 92वीं रैंक हासिल की।
वर्तमान में शिवराज 2023 से आसींद में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। सफलता का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया। उनके संघर्ष और लगन की यह कहानी ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
