कोटा जिले के देवली क्षेत्र के झाड़ आंवली गांव स्थित सरकारी विद्यालय में घटिया निर्माण पर तोड़ने की कार्रवाई शुरू। इस विद्यालय में करीब 3. 91 करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण कार्य चल रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर स्वयं क्षेत्रीय विधायक और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बुधवार देर रात लगभग 11:30 बजे विद्यालय का औचक निरीक्षण भी किया था।

जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने मंत्री के समक्ष विद्यालय की छत में घटिया निर्माण की शिकायत रखी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंत्री नागर तुरंत मौके पर पहुंचे और छत की खुदाई कर जांच करवाई। जैसे ही छत को सरियों से खुदवाया गया, तो उसमें सीमेंट की जगह मिट्टी और बजरी की जगह क्रेशर डस्ट का उपयोग सामने आया।

मंत्री नागर ने बताया कि अधिकारियों ने पहले यह कहकर लीपा-पोती की थी कि छत को तोड़कर दोबारा बनाया जा चुका है, जबकि सच्चाई इसके विपरीत निकली। वास्तव में पुरानी छत पर ही पिलर डालकर नया निर्माण शुरू कर दिया गया था। उन्होंने मौके पर ही निर्माण सामग्री के सैंपल पीडब्ल्यूडी जांच के लिए भिजवाए और घटिया निर्माण को ध्वस्त कर पुनर्निर्माण के आदेश दिए।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि आज देवली क्षेत्र के आमली झाड़ गांव में घटिया निर्माण पर खुद मौके पर खड़े रहकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करवाई। अटल भूजल योजना के तहत 77 लाख रुपये की लागत से बने तालाब के घाटों और बाउंड्रीवॉल को घटिया गुणवत्ता के कारण पीले पंजे से तुड़वाया। यह निर्माण 31 मई 2025 को पूरा हुआ था।

सरकारी विद्यालय और तालाब के निर्माण कार्यों की जांच की थी। मौके पर निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई न सीमेंट की मात्रा सही थी, न निर्माण सामग्री मानकों पर खरी उतरी।
मंत्री नागर ने कहा कि बच्चों के भविष्य से समझौता नहीं किया जाएगा। घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
