बिजोलिया उपखंड कार्यालय को यथावत रखने की मांग, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन

BHILWARA
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बिजोलिया।
प्रदेश में राजस्व इकाइयों के पुनर्गठन को लेकर चल रही कवायद के बीच बिजोलिया उपखंड को मांडलगढ़ में विलय करने की चर्चाओं ने ऊपरमाल क्षेत्र के लोगो में आक्रोश फैला दिया है। सोशल मीडिया पर फैल रही इस जानकारी के बाद स्थानीय प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम शुक्रवार को उपखण्ड अधिकारी अजीत सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौपकर उपखंड कार्यालय को यथावत रखने की मांग उठाई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि बिजोलिया उपखण्ड से मांडलगढ़ की दूरी 50 किलोमीटर तक है, जिससे आमजन का बार-बार मांडलगढ़ पहुंचना अत्यंत कठिन हो जाएगा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि उपखंड कार्यालय हटने से प्रशासनिक कार्यों में भारी परेशानी आएगी और ग्रामीणों को आर्थिक-शारीरिक दोनों तरह का नुकसान होगा।

124 राजस्व गांव और एक नगर पालिका वाला बड़ा उपखंड

जनप्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि बिजोलिया उपखंड में लगभग 124 राजस्व ग्राम और एक नगर पालिका शामिल है, जहां 80 हजार से 1 लाख तक की आबादी निवास करती है।
साथ ही बिजोलिया क्षेत्र खनन का प्रमुख केंद्र होने के कारण जिले का सबसे अधिक राजस्व यहीं से जाता है।
यहां जमीन संबंधी विवाद, बंटवारा, दावे-आपत्ति एवं जमानतदार प्रक्रियाएं निरंतर रूप से चलती रहती हैं, ऐसे में उपखंड कार्यालय का अस्तित्व अत्यंत आवश्यक है।

स्थानीय लोगो ने कहा जनभावना का सम्मान करे सरकार

क्षेत्रवासियों का कहना है की उपखंड कार्यालय को हटाना क्षेत्र के विकास के विपरीत है।
जनता ने मांग की है कि बिजोलिया उपखंड की जनभावनाओं को देखते हुए इसे वर्तमान स्थिति में ही रखा जाए।

हालांकि उपखंड को लेकर उठी यह चर्चा अभी प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट नहीं है, परंतु क्षेत्र में फैल रही आशंका से लोगों में रोष और असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय निवासियों ने कहा कि यदि सरकार ने जनभावना की अनदेखी की तो वे आंदोलन और व्यापक विरोध करने को मजबूर होंगे।