सलावटिया। विकास जैन
पूज्य आर्यिका प्रशममती माता जी एवं आर्यिका उपशममती माता जी सहित ससंघ ने सिगोंली से पेदल विहार करते हुए गुरुवार को चादंजी की खेड़ी में भव्य मंगल प्रवेश किया। शोभायात्रा के साथ हुए इस प्रवेश में सकल दिगंबर जैन समाज बड़ी संख्या में उपस्थित रहा और आर्यिका संघ का गर्मजोशी से स्वागत किया।

जैन संतशाला में आयोजित मंगल प्रवचन में पूज्य प्रशममती माता जी ने कहा कि
“अहिंसा, संयम और तप को ही धर्म कहा गया है। आज धर्म को केवल भक्ति तक सीमित कर दिया गया है, जबकि वास्तविक धर्म संयम और तप से ही पूर्ण होता है। उन्होंने जीवन में धर्म के दोनों स्वरूप भक्ति और संयम को संतुलित रूप से अपनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के दौरान दीप प्रज्वलन निर्मल कुमार राहुल कुमार काला परिवार द्वारा किया गया।
आर्यिका माताजी को शास्त्र भेंट सुजानमल–जीतेन्द्र कुमार गोरव, दक्ष पाटनी परिवार द्वारा समर्पित किए गए।
तपोदय तीर्थ क्षेत्र कमेटी एवं सलावटिया समाज द्वारा आर्यिका संघ को श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में डाबी, झांतला, बोराव, थडोद, लाम्बाखो, कोटा, सलावटिया, आरोली, छोटी बिजौलिया, सिगोंली और बिजौलिया सहित अनेक स्थानों से बड़ी संख्या में श्रावक श्राविकाए शामिल हुईं।
21 नवंबर, शुक्रवार को शोभायात्रा के साथ आर्यिका संघ का तपोदय तीर्थ क्षेत्र बिजोलिया में भव्य मंगल प्रवेश होगा।
