आसींद (Bhilwara)। भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख पहल के तहत “नई चेतना 4.0 – पहल बदलाव की” जेंडर समानता अभियान का शुभारंभ रविवार को पंचायत समिति परिसर स्थित सभा भवन हॉल में हुआ। कार्यक्रम में आसींद ब्लॉक के तीनों क्लस्टरों के क्लस्टर प्रबंधकों, पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

अभियान का उद्घाटन करते हुए अधिकारियों ने बताया कि यह राष्ट्रीय स्तर पर चलाया जाने वाला विशेष कार्यक्रम है, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में लिंग आधारित भेदभाव, असमानता और रूढ़िवादी धारणाओं को समाप्त करना है। अभियान के तहत 25 नवंबर से 23 दिसंबर तक ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों में ग्राम संगठनों की आम सभाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी।
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रोजेक्ट MIS अरविंद मेघवंशी ने बताया कि 25 नवंबर से ही अभियान की शुरुआत हो चुकी है और गांवों में स्वयं सहायता समूह (SHG), ग्राम संगठन (VO) और क्लस्टर संगठनों की सक्रिय भागीदारी में विविध कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों में—
जेंडर समानता पर आधारित जागरूकता सभाएँ
नुक्कड़ नाटक
चर्चा एवं संवाद सत्र
विद्यालयों की बालिकाओं का सम्मान
महिलाओं के नेतृत्व व अधिकारों पर प्रशिक्षण
मुख्य रूप से शामिल हैं।
मेघवंशी ने कहा कि राजीविका द्वारा महिलाओं को संगठित कर समाज में जेंडर न्याय, समान अधिकार और निर्णय क्षमता बढ़ाने की दिशा में यह अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में ब्लॉक और जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी विभिन्न गांवों में आयोजित हो रहे आयोजनों में भाग लेकर अभियान को मजबूती प्रदान करेंगे।

अभियान के दौरान यह संदेश दिया जा रहा है कि जेंडर समानता केवल महिलाओं का मुद्दा नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज की आवश्यकता है। महिलाओं और पुरुषों दोनों को समान अवसर, सम्मान और अधिकार मिलना विकास का आधार है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि 23 दिसंबर तक चलने वाले इस अभियान के प्रत्येक कार्यक्रम को गांव-गांव तक पहुँचाया जाएगा, ताकि समाज में वास्तविक बदलाव की पहल मजबूत हो सके।
