महाराणा प्रताप के वंशज का संपत्ति विवाद को लेकर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट भाई लक्ष्यराज सिंह और बहन पद्मजा में भी संपत्ति को लेकर विवाद

BHILWARA
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मेवाड़ राजपरिवार की संपत्ति का विवाद का मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट में चलेगा


डॉ.चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार

जयपुर। मुगलों की सेना को नको चने चबवाने वाले वीर शिरोमणि मेवाड़ के सिरमौर महाराणा प्रताप के वंशज मेवाड़ शाही राज परिवार की संपत्ति के विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गए हैं यह मामला महाराजा अरविंद सिंह मेवाड़ की वसीयत की वैधता को चुनौती देने और परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति नियंत्रण को लेकर है। मेवाड़ लक्ष्यराज सिंह और उनकी बहन पद्मजा कुमारी मेवाड के बीच भी संपत्ति विवाद को लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन है।


उदयपुर स्थित सिटी पैलेस एचआरएच(HRH) होटल ग्रुप सहित अन्य संपत्तियों पर नियंत्रण वह बंटवारे को लेकर लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और उनकी बहन पद्मजा कुमारी परमार के बीच विवाद व इन संपत्तियों पर नियंत्रण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है जिसमें महाराजा अरविंद सिंह मेवाड़ की वसीयत की वैधता को चुनौती दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सीजेआई(CJI) की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया गया कि याचिकाकर्ता  उदयपुर के पूर्व महाराजा अरविंद सिंह मेवाड़ के परिवार से हैं एवं महाराणा भगवत सिंह मेवाड़ के उत्तराधिकारी थे और परिवार के सदस्यों के बीच उत्तराधिकार एवं वसीयत की वैधता को लेकर विवाद चल रहा है। ‌अरविंद सिंह मेवाड़ के पुत्र लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की ओर से बॉम्बे हाई कोर्ट में लंबित मामलों को राजस्थान हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की गई है तथा दूसरी ओर याचिकाकर्ता ने जोधपुर बेंच राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित मामलों को बॉम्बे हाई कोर्ट भेजने का अनुरोध किया है। ‌ सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर मेवाड़ शाही राज परिवार से जुड़े संपत्ति विवाद के सभी मामलों को दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने का आदेश दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर दोनों पार्टियों के बीच कोई अन्य मुकदमे लंबित हैं तो उन्हें भी दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने के लिए आवेदन किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट और राजस्थान हाई कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह मेवाड़ शाही परिवार की संपत्तियों से जुड़े  सभी संबंधित दस्तावेज दिल्ली हाई कोर्ट को भेजें‌। दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले में सुनवाई जनवरी 2026 में होगी। सुप्रीम कोर्ट में यह अभी बताया गया कि एक आवेदन एडमिनिस्ट्रेटर की नियुक्ति को लेकर भी लंबित है क्योंकि इस विवाद में भारी मात्रा में आभूषण और अन्य कीमती चल संपत्तियां शामिल है।

मेवाड़ के शाही राजपरिवार की संपत्ति विवाद  क्या है

सन 1930 से 1955 तक मेवाड़ रियासत में महाराणा भूपाल सिंह ने शासन किया। लेकिन उनके कोई संतान नहीं थी इस वजह से उन्होंने भगवत सिंह मेवाड़ को गोद लिया अपने जीवन के अंतिम समय में अप्रैल 1955 में भोपाल सिंह ने एकलिंग जी ट्रस्ट की स्थापना की थी। ‌ भगवत सिंह मेवाड़ के तीन संताने हुई इसमें दो बेटे महेंद्र सिंह और अरविंद सिंह तथा एक बेटी योगेश्वरी कुमारी।



मेवाड़ परिवार में संपत्ति विवाद का प्रारंभ कब हुआ

जब भगवत सिंह मेवाड ने 1983 में पारिवारिक संपत्तियों को बेचने और उन्हें लीज पर देने का फैसला किया उनके इस फैसले से नाराज होकर बड़े बेटे महेंद्र सिंह मेवाड़ अपने पिता के खिलाफ कोर्ट में चले गए अपने बेटे महेंद्र सिंह के इस निर्णय और कदम से भगवत सिंह मेवाड़ काफी नाराज हुए और उन्होंने अपनी वसीयत और संपत्ति से जुड़े फैसलों की जिम्मेदारी से महेंद्र सिंह मेवाड़ को अलग-अलग करते हुए अपने छोटे बेटे अरविंद सिंह मेवाड़ को सौंप दी इसके बाद महेंद्र सिंह मेवाड़ को ट्रस्ट और संपत्ति से लगभग बाहर कर दिया गया। जब 3 नवंबर 1984 को भगवत सिंह मेवाड़ का निधन हो गया इसके बाद मेवाड़ परिवार का संपत्ति विवाद और बढ़ गया। करीब 37 साल तक चली कानून लड़ाई के बाद साल 2020 में उदयपुर की जिला कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाया। ‌ कोर्ट ने फैसले में विवादित संपत्ति को चार हिस्सों में बांटने का आदेश दिया एक हिस्सा भगत सिंह मेवाड़ के नाम और बाकी तीन हिस्से उनकी तीनों संतानों के बीच बांट दिया गया। कोर्ट के फैसले तक अधिकांश संपत्ति अरविंद सिंह मेवाड़ के कब्जे में रही जबकि महेंद्र सिंह और उनकी बहन योगेश्वरी कुमारी को सीमित हिस्सा मिला। कोर्ट में शंभू निवास पैलेस बड़ी पाल और घास घर जैसी संपत्तियों से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई थी। 16 मार्च 2025 को अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन हो गया उनके तीन संताने हैं एक बेटा लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और दो बेटियां भार्गव कुमारी मेवाड एवं पद्मजा कुमारी मेवाड।‌ लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ परिवार के उत्तराधिकारी हैं और एचआरएच ग्रुप होटल के मालिक हैं एवं उनकी बहन पद्मजा से उनके संपत्ति विवाद कोर्ट में चल रहा है।