भीलवाड़ा। मूलचन्द पेसवानी
सेवा, श्रद्धा और सनातन संस्कृति के संरक्षण की दिशा में भीलवाड़ा की हरी शेवा धर्मशाला द्वारा किया गया सहयोग क्षेत्र के लिए एक प्रेरणास्पद उदाहरण बनकर सामने आया है। माता शबरी की कुटिया के निर्माण कार्य के लिए हरी शेवा धर्मशाला की ओर से दो लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान की गई। इस पुनीत कार्य को धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा भावना को सशक्त करने वाला कदम माना जा रहा है।
हरी शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने जानकारी देते हुए बताया कि टेकरी के हनुमान, हनुमान चैकी आश्रम गुरला एवं बालाजी समाज सेवा समिति के संयुक्त प्रयासों से माता शबरी की कुटिया का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस कुटिया का उद्देश्य आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को छाया एवं विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें आध्यात्मिक यात्रा के दौरान राहत मिल सके।
इसी क्रम में हरी शेवा धर्मशाला की ओर से सेवा भाव के साथ दो लाख रुपये का चेक सहयोग स्वरूप महंत पुनीत दास त्यागी को भेंट किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित संतों एवं समाजसेवियों ने इस सहयोग की मुक्तकंठ से सराहना की और इसे सनातन संस्कृति की सेवा परंपरा का जीवंत उदाहरण बताया।

इस अवसर पर संत मायाराम, संत गोविंदराम, ब्रह्मचारी इंद्रदेव, कुनाल, सिद्धार्थ, अभिमन्यु सिंह पुरावत, ओमप्रकाश बुनकर, राजू माली, अनिल सोनी सहित अनेक समाजसेवी एवं श्रद्धालुजन मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि ऐसे कार्य समाज में आपसी सहयोग, समरसता और सेवा भावना को मजबूती प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि माता शबरी भारतीय संस्कृति में त्याग, भक्ति और सेवा का प्रतीक हैं। उनके नाम से बनने वाली कुटिया न केवल श्रद्धालुओं के लिए सुविधा केंद्र बनेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सेवा और समर्पण का संदेश भी देगी। संतों ने समाज से आह्वान किया कि वे भी आगे आकर धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में योगदान दें।
समारोह में सनातन संस्कृति, सेवा परंपरा और सामाजिक सहभागिता को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि जब समाज के विभिन्न वर्ग एकजुट होकर ऐसे कार्य करते हैं, तो क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और धार्मिक चेतना सुदृढ़ होती है। अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने हरी शेवा धर्मशाला के इस योगदान की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए मार्गदर्शक पहल बताया और माता शबरी कुटिया निर्माण कार्य के शीघ्र पूर्ण होने की कामना की।
