3.22 लाख अपात्र लाभार्थी एनएफएसए से बाहर, 2.55 लाख जरूरतमंद परिवारों को मिला लाभ
भीलवाड़ा, मूलचन्द पेसवानी
जिले में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा संचालित ‘गिव अप’ अभियान लगातार नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। अभियान के तहत जिला प्रदेश में अग्रणी बनकर उभरा है। जिले में अब तक 2 लाख 46 हजार 190 लोगों ने स्वेच्छा से एनएफएसए योजना का लाभ छोड़कर सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दिया है।
इसके अलावा ई-केवाईसी के माध्यम से 75 हजार 824 लोग एनएफएसए योजना से बाहर हुए हैं। इस प्रकार कुल 3 लाख 22 हजार 14 अपात्र लाभार्थियों को योजना से हटाया गया है।
अपात्र लाभार्थियों के हटने से 2 लाख 55 हजार 317 पात्र लेकिन वंचित परिवारों को एनएफएसए योजना में शामिल किया जा सका है। इससे वर्षों से प्रतीक्षारत जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिलना सुनिश्चित हुआ है।

विभाग के अनुसार अपात्र लोगों के बाहर होने से सरकार को खाद्य, गैस, बीमा एवं चिकित्सा सब्सिडी पर होने वाले व्यय में बड़ी बचत होगी, जबकि नये जुड़े लाभार्थियों को इन सभी योजनाओं का समुचित लाभ मिलेगा।
‘गिव अप’ अभियान के अंतर्गत चार पहिया वाहन मालिक, सरकारी कार्मिक, आयकरदाता एवं एक लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले लोगों ने स्वेच्छा से एनएफएसए लाभ छोड़ा है। अभियान में समाज के सभी वर्गों, जनप्रतिनिधियों तथा सोशल, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का उल्लेखनीय योगदान रहा है।
खाद्य विभाग द्वारा एमएसपी पर 100 क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने वाले लाभार्थी परिवारों की भी जांच की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना 28 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद 1 मार्च 2026 से अपात्र लाभार्थियों से 30.57 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं की वसूली की जाएगी।















