भीलवाड़ा शहर के सर्वांगीण विकास हेतु विधायक अशोक कुमार कोठारी ने 2026-27 के बजट हेतु सरकार को भेजे प्रस्ताव

BHILWARA
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शहर के विकास,उद्योग,चिकित्सा शिक्षा,जल, विद्युत एव बुनियादी ढांचे की मजबूती की मांग

  भीलवाड़ा 10 फरवरी ।वस्त्रनगरी भीलवाड़ा जिसे एशिया के मेनचेस्टर की संज्ञा दी गई है, जो राजस्थान की कुल माइनिंग का 33 प्रतिशत भागीदारी के साथ राजस्थान की जीडीपी में तीसरा स्थान रखता है। औद्योगिक नगरी भीलवाड़ा जितना राजस्थान के राजस्व में सहयोग करता है उतना इसका विकास नही हो पाया है।शहर के सर्वांगीण विकास हेतु भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने राजस्थान सरकार के तृतीय बजट (वर्ष 2026-27) हेतु  भीलवाड़ा के लिए विशेष मांगे रखी जो विभागवार निम्नानुसार हैंः-
एलिवेटिड रोड निर्माण बाबत- अजमेर रोड स्थित गायत्री आश्रम चौराहे से रामधाम चौराहे तक ट्राफिक के व्यवस्थित संचालन हेतु एलिवेटिड रोड निर्माण की घोषणा की जाये, इस बाबत प्रि-फिजिबिलिटी, लोड टेस्टिंग व अन्य आवश्यक सर्वे भी किये जा चुके हैं।

नेहरु तलाई के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण बाबत शहर के मध्य स्थित नेहरू तलाई जिसके दोनों तरफ राजीव गांधी एवं नेहरू गार्डन स्थित है लेकिन सौंदर्यीकरण के अभाव में यह जीर्णशीर्ण होता जा रहा है। इस हेतु आगामी बजट में नेहरु तलाई के स्थित  राजीव गांधी एवं नेहरू गार्डन के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण की घोषणा की जाये।



कोठारी नदी के रिवर फ्रन्ट विकसित करना भीलवाड़ा के उत्तर दिशा में कोठारी नदी बहती है जो शहर में से होकर निकलती है तथा उक्त नदी पर पूर्व बजट घोषणा अनुसार 3 पुलों का निर्माण प्रगतिरत है एवं न्यास की प्रस्तावित न्यू भीलवाड़ा (ई-2) का सम्पूर्ण क्षेत्र भी कोठारी नदी के सहारे-सहारे है। इस हेतु कोठारी नदी का चरणबद्ध (फेज-वाइज) विकास किया जाए, जिसमें अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट व कोटा के चम्बल रिवरफ्रंट की तर्ज पर आधुनिक एवं सुव्यवस्थित रिवरफ्रंट डिज़ाइन विकसित किया जाए।

गांधीसागर तालाब विकास गांधीसागर तालाब शहर का पुराना बड़ा तालाब है लेकिन उक्त तालाब में गदे पानी के नाले गिरने के कारण तालाब का पानी गदा और बदबूदार हो गया था जिसको देखते हुए स्थानीय निकाय द्वारा गंदे पानी की निकासी की योजना तो प्रगतिरत है इस बाबत स्वायत शासन मंत्री  ने भी 16 वीं विधानसभा के द्वितीय सत्र में आश्वासन प्रदान किया गया था अतः गांधीसागर तालाब एवं तालाब के मध्य टापू के विकास हेतु आगामी बजट में घोषणा की जाये।

स्मार्ट पार्किंग स्थल एक सर्वे अनुसार एशिया में सबसे ज्यादा फोर व्हीलर भीलवाड़ा में स्थित होने के कारण एक व्यवस्थित पार्किंग बनाया जाना अति आवश्यक है। जिनमें सेंसर, कैमरे एवं मोबाइल ऐप्स का उपयोग कर उपलब्ध पार्किंग स्थानों की रियल-टाइम जानकारी प्रदान की जाए। यह प्रणाली मोबाइल ऐप या डिजिटल साइन बोर्ड के माध्यम से वाहन चालकों को उपलब्ध स्थान तक मार्गदर्शन करेगी, जिससे पार्किंग खोजने में लगने वाला समय कम होगा, यातायात जाम घटेगा, प्रदूषण में कमी आएगी तथा ईंधन की बचत होगी। इसके अतिरिक्त अग्रिम बुकिंग, डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाएँ भी शामिल होंगी, जिससे पारंपरिक पार्किंग स्थलों को एक कुशल, डेटा-आधारित पार्किंग प्रबंधन प्रणाली में परिवर्तित किया जा सकेगा। इस हेतु शहर के प्रमुख क्षेत्र  आज़ाद चौक एवं भोपाल क्लब को शामिल किया जा सकता है।
नगर निगम में आधारभूत सुविधाओं हेतु प्रथम राजस्थान बजट (2024-25) में भीलवाड़ा नगर परिषद को नगर निगम में क्रमोन्नत किया गया लेकिन नगर निगम में आधारभूत ढाँचे की कमी को देखते हुए आगामी बजट में  घोषणाकराई जाएँः-  4 रोड स्वीपर मशीन , 4 नवीन जेसीबी 2 एण्टी स्मोकगन ,4 ट्रैक्टर ,2 डम्पर , 42 मीटर ऊँचाई की फायर लैडर दिलाए जाए।

सीवरेज अमृत प्रथम एवं अमृत द्वितीय योजनांतर्गत भीलवाड़ा शहर का लगभग 70 प्रतिशत भाग सीवरेज में आ चुका है। इस हेतु शहर के शेष रहे 30 प्रतिशत भूभाग हेतु आगामी बजट में घोषणा की जाये।

ई-गवर्नेंस हब सार्वजनिक पार्कों में डिजिटल सेवा कियोस्क स्थापित किए जाएँ, जिनके माध्यम से संपत्ति कर भुगतान, शिकायतों की ट्रैकिंग तथा विभिन्न प्रकार की अनुमतियाँ प्राप्त की जा सकें। यह व्यवस्था पुरे शहर के डिजिटल प्लेटफॉर्म से प्रेरित होगी, जिसमें मोबाइल ऐप एवं एसएमएस अपडेट की सुविधा उपलब्ध है। सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता एवं कार्यकुशलता बढ़ाने हेतु एआई आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग को एकीकृत किया जाए।

आधुनिक ट्रांस्पोर्ट नगर दिल्ली-मुम्बई कॉरिडोर के मध्य स्थित भीलवाड़ा एक औद्योगिक नगरी है जिसमें टेक्सटाइल और माइनिंग का प्रमुखता से व्यापार किया जाता है इस हेतु ट्रांस्पोर्ट उद्योग को विकसित करने के लिए आगामी बजट में आधुनिक ट्रांस्पोर्ट नगर विकसित करने की घोषणा की जाये इस बाबत, जिस हेतु 80 प्रतिशत भूमि यूआईटी के पास उपलब्ध है।

राजीव गांधी ऑडिटोरियम को विकसित करने बाबत वर्ष 2006 में निर्मित यह ऑडिटोरियम वर्ष 2019 से जीर्ण-शीर्ण पड़ा है तथा जिलाकलेक्टर के आदेश से उक्त ऑडिटोरियम बंद है। शहर के मध्य स्थित होने के कारण आगामी बजट में राजीव गांधी ऑडिटोरियम के पुनर्निर्माण/जीर्ण शीर्ण अवस्था को सुधार कर पीपीपी मोड पर संचालन करने की घोषणा की जाये।

न्यू भीलवाड़ा (ई-2) को नवीन विकसित हाइटेक सिटी बनाने बाबत नगर विकास न्यास भीलवाड़ा द्वारा प्रस्तावित न्यू भीलवाड़ा (ई-2) को नवीन विकसित हाइटेक सिटी बनाने हेतु लैण्ड पुलिंग के माध्यम से सुनियोजित विकास करने बाबत।

सुपर कॉरिडोर निर्माण न्यास द्वारा पूर्व मे स्वीकृत सुवाणा से मण्डपिया 13 किमी बाइपास का निर्माण  करा सुपर कॉरिडोर निर्माण करने बाबत।

चिकित्सा के क्षेत्र में जिला मुख्यालय हेतु सेटेलाइट चिकित्सालय की घोषणा जिसके लिए 5.50 लाख वर्गफिट भूमि यूआईटी द्वारा पूर्व में ही आरक्षित की जा चुकी है।
कार्डियोलॉजी विभाग कार्डियॉलॉजी एवं कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभाग की पूर्ण रूपेण स्थापना मय पद सृजन। नवीन आईपीडी बिल्डिंग में फर्नीचर एवं आवश्यक सामग्री पूर्ति बाबत।
कैंसर यूनिट वर्तमान में विभिन्न प्रकार के कैंसर के बढ़ते हुए मरीजो की संख्या को देखते हुए मेडिकल कॉलेज संबद्ध अस्पताल में टर्सरी कैंसर केयर यूनिट ( बहिरंग विभाग, रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी, कैंसर सर्जरी ) चारों विभागों की पूर्णरूपेण स्थापना मय पद सृजन।
भीलवाड़ा की भौगोलिक स्थिति के अनुसार एवं टेक्सटाइल सिटी होने के कारण बढ़ती दुर्घटनाओं के कारण एक पूर्ण रूप से ट्रोमा केयर विभाग की स्थापना की घोषणा।

उद्योगो के क्षेत्र में- टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा जो राजस्थान का 60 प्रतिशत से ज्यादा कपड़ा उत्पादन कर रही है लेकिन वर्तमान में महंगी बिजली दरों व सुविधाओं की कमी से वस्त्र उद्योग जिले से ही नहीं अपितु राज्य से पलायन कर पड़ौसी राज्य मध्यप्रदेश की ओर जा रहे हैं। गुजरात और मध्यप्रदेश शासन के समान वर्तमान औद्योगिक पॉलिसियाँ एवं सुविधाओं से वस्त्र उद्योग का सुनियोजित विकास सम्भव है, इस हेतु आगामी बजट के लिए हमारे निम्नांकित सुझाव हैं, जिनकी घोषणाओं की आवश्यकता हैः-

विद्युत आपूर्ति राजस्थान में उद्योगों को विद्युत आपूर्ति 8 से 8.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से आ रहा है, वहीं पड़ौसी राज्य मध्यप्रदेश मे यह दर 7 रुपये ही है। राजस्थान में सरकार द्वारा सौर ऊर्जा पर बहुत कार्य किया जा रहा है जो काफी सराहनीय है, लेकिन उद्योगों के विकास हेतुः- 200 प्रतिशत कैपेटिव पावर के नोटिफिकेशन में 20 प्रतिशत बैटरी बैकअप वाली बैटरी क्रय करने की जो शर्त लगी है वह हटाई जाये। तथा उद्योगों को सोलर की सीमा बढ़ाने की किसी भी उद्योग को कैपेटिव पावर की सीमा में न बांध कर उद्योग की आवश्यकता के हिसाब से सोलर की सीमा बढ़ाने की पूर्ण छूट दी जाये। (स्वयं के कैम्पस में ग्रिड में रिवर्स पावर नहीं आने की शर्त पर मीटर के पीछे कैपेटिव पावर को अनलिमिटेड किया जाये।
ट्रांसविजन चार्ज को हटा दिया जाये। यह सम्भव नहीं है तो वर्तमान दर को आवश्यक रूप से आधा किया जाये।
33 केवी के अनुसार 11 केवी का बिलिंग चार्ज समान किया जाये।
रात्रि में जो बैटरी से पावर ली जाएगी उस पर ट्रांसविजन चार्ज पूर्णतः हटा दिया जाये। (गाइडलाइन में इस हेतु स्पष्ट निर्देश है लेकिन नोटिफिकेशन में इस बाबत कुछ भी नहीं लिखा गया)
प्रदेश में औद्योगिक इकाइयो को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने हेतु सभी ग्रिड स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड किया जाये।
पुरानी उद्योग इकाइयों में सोलर यूनिट की रिप्स सब्सिडी हेतु 25 प्रतिशत एक्सपांशन की शर्त हटाई जाये।
औद्योगिक इकाइयों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोलर यूनिट को किसी भी एक्सपांशन से अलग रखते हुए प्लान्ट एवं मशीनरी के रूप में न गिना जाकर एक स्वतंत्र इकाई माना जाये।   रूपाहेली स्थित 214 हेक्टेयर भूमि टेक्सटाइल पार्क हेतु आरक्षित है जिसे वर्तमान में रीको को आवंटित किया गया है। उक्त टेक्सटाइल पार्क को केन्द्र सरकार की पी-मित्रा योजना के तर्ज पर या तो केंद्र सरकार द्वारा या राज्य सरकार द्वारा विकसित किया जावे।
भीलवाड़ा से राज्य का 33 प्रतिशत राजस्व केवल खनिज मिनरल से प्राप्त होता है। भीलवाड़ा में क्वार्ट्ज, फेल्सपार, जिंक, अभ्रक, आयरन आदि की प्रचुर मात्रा उपलब्ध है। वर्तमान में भीलवाड़ा जिले से उक्त खनिजों का दोहन कर पड़ौसी राज्य गुजरात के मोरवी व अन्य जिलो में परिवहन किया जा रहा है। इस हेतु राज्य को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त करने एवं औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा एवं स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय पर सिरामिक जोन निर्माण की घोषणा की जाये, जिससे लगभग 5 हजार करोड़ का निवेश व 5 हजार से अधिक व्यक्तियों को रोजगार मिलने की सम्भावना है।
रिप्स-2024 की सब्सिडी का भुगतान वार्षिक की बजाय त्रैमासिक किया जाए।



एजुकेशन व मेडिकल रिप्स में सम्मिलित कर सब्सिडी व अन्य प्रोत्साहन दिए जाएँ।
कृषि से औद्योगिक उपयोग हेतु भूमि के कन्वर्जन की सीमा 2 लाख वर्गमीटर जिला स्तर पर है उसको बढ़ाकर 6 लाख वर्गमीटर तक भूमि रूपान्तरण की शक्ति जिला कलेक्टर को प्रदान की जाये।
औद्योगिक नगरी भीलवाड़ा में चल रहे उद्योगों को भविष्य में जल की उपलब्धता करवाने हेतु भीलवाड़ा जिले को भी रामसेतु लिंक परियोजना परियोजना से जोड़ा जाने की घोषणा की जाये। भीलवाड़ा मे कपड़ा उद्योग व माइनिंग को और अधिक विकसित करने हेतु दोनों के लिए पृथक-पृथक बिजनेस सेंटर/हब बनाये जाये जिसमें स्थानीय उद्योगपतियों की सारी समस्याओं का एक जगह हल हों, जिससे स्थानीय उद्योगपतियों को सरकार की नीतियां, एक्सपोर्ट प्रमोशन व अपने उद्योग से सबंधित तकनीकी जानकारी मिल सके व जहाँ पर देश-विदेश के क्रेता भी उस स्थल पर आकर जिले में चल रहे विभिन्न उद्योगों के बारे में जानकारी ले सके।

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में 
माणिक्य लाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय में नवीन संकाय- एमबीए , बीसीए, एम सी ए प्रारम्भ करने बाबत। साथ ही नवीन विषय संस्कृत, पेण्टिंग एवं ड्राइंग प्रारम्भ की जाए।
सेमुमा कन्या महाविद्यालय में स्नातकोत्तर में कला संकाय में राजनीति विज्ञान, हिन्दी साहित्य व चित्रकला विषयों के पाठ्यक्रम प्रारम्भ किए जाए। वर्तमान में भीलवाड़ा जिले के 25हजार  से अधिक विद्यार्थी महर्षि दयानंद  यूनिवर्सिटी, अजमेर के अधीन शिक्षारत है विद्यार्थियों की संख्या को दृष्टिगत रखते हुए भीलवाड़ा को यूनिवर्सिटी प्रदान की जाए।
तकनीकी शिक्षा भीलवाड़ा स्थित माणिक्य लाल वर्मा टेक्स्टाइल कॉलेज जो राज्य का एकमात्र टेक्सटाइल कॉलेज है, को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्रदान करे।
नवीन पॉलिटेक्निक महिला कॉलेज में कॉस्ट्यूम डिजाइन एवं ड्रेस मेकिंग के स्थान पर टेक्सटाइल डिजाइन शाखा खोली जाये।
    इसके अलावा जिला मुख्यालय पर शिक्षा संकुल की स्थापना, जिसमें प्राथमिक, माध्यमिक, समसा, जिला शिक्षा अधिकारी सभी एक ही परिसर में व्यवस्थित रूप से बैठ सकें।
जिला मुख्यालय पर संस्कृत शिक्षा के विद्यालयों के सशक्तिकरण, निरीक्षण एवं समन्वय हेतु जिला स्तर पर कार्यालय संचालित करने की घोषणा करना।

विद्युत विभाग भीलवाड़ा की आवश्यकता व विद्युत भार को देखते हुए 3 नवीन 33 केवी जीएसएस निर्माण की महती आवश्यकता है जिनमें   हरणी महादेव,सुखाड़िया स्टेडियम,
न्यू ट्रांस्पोर्ट नगर में स्थापित किए जाए।

गृह विभाग भीलवाड़ा मुख्यालय स्थित गांधी नगर थाना एवं पुर थाना के नवीन भवन निर्माण की घोषणा ,भीलवाड़ा मुख्यालय स्थित अभय कमाण्ड की जीर्ण शीर्ण बिल्डिंग के स्थान पर नवीन आधुनिक परिसर निर्माण घोषणा बाबत।  रिजर्व पुलिस लाइन में उच्च क्वालिटी के बैरक, शौचालय व स्नानघर निर्माण। साथ ही टेक्सटाइल व्यापारियों की आवश्यकता पर मण्डपिया, हमीरगढ़ रोड भीलवाड़ा को नया विशेष औद्योगिक थाना प्रदान करने ।

पशुपालन विभाग भीलवाड़ा मुख्यालय स्थित बहुद्देशीय पशु चिकित्सालय (पॉलिक्लिनिक) के आधुनिकीकरण एवं आवश्यक उपकरण क्रय करने हेतु।

सार्वजनिक निर्माण विभाग जिला मुख्यालय होने के नाते देश विदेश से व्यापारियों का भीलवाड़ा आवागमन रहता है, इस हेतु भीलवाड़ा मुख्यालय पर आधारभूत ढांचे के सुधार हेतु सड़क निर्माण हेतु आगामी बजट में 28 करोड़ की नवीन सड़कों के निर्माण की घोषणा की जाये।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मुख्यमंत्री शहरी जल जीवन मिशन अंतर्गत सभी जन को हर घर जल हेतु 100 करोड़ के प्रस्ताव की अनुमति दी जाये।
शहरवासियों को पर्याप्त जल उपलब्धता हेतु उच्च जलाशय क्षमता वाली 2 नवीन टंकियाँ (सालरा एवं सांगानेरी गेट) सहित अन्य राइजिंग एव वितरण पाइपलाइन हेतु 6.5 करोड़ की स्वीकृति दी जाए।

आयुष विभाग भीलवाड़ा में भवन रहित चल रहे 2 आयुष चिकत्सालय सांगानेर एवं पुर हेतु भूमि की घोषणा  की जाए।

कर भवन भीलवाड़ा में संभागीय स्तरीय कर भवन आज जर्जर अवस्था में आ गया है और स्टाफ हेतु पर्याप्त बैठने की जगह नही होने से भवन का पुनः नवीनीकरण किया जाना जरूरी है।
भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने आशा व्यक्त की है कि सरकार इन मांगों को आगामी बजट में शामिल कर भीलवाड़ा को उसके योगदान के अनुरूप विकास की नई दिशा देगी।