Bijoliya
गांव थड़ोदा में वर्षों से आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक रहे गांधी चौक का स्वरूप बिगाड़ने और करीब 125 वर्ष पुराने बरगद के पेड़ को काटे जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासक राजेश धाकड़ को ज्ञापन सौंपा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों के अनुसार गांधी चौक गांव का सबसे प्रमुख स्थल रहा है, जहां वर्षों से धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन होते आए हैं। चौक में बने चबूतरे पर खड़ा विशाल बरगद का पेड़ न केवल छाया देता था, बल्कि लोगों की आस्था का केंद्र भी था। बुजुर्गों का कहना है कि यह पेड़ लगभग 125 वर्ष पुराना था और गांव की पहचान बन चुका था।

आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने अपने निजी स्वार्थ के चलते इस ऐतिहासिक स्थल को नुकसान पहुंचाया। पहले चबूतरे को तोड़ा गया और फिर हरे-भरे बरगद के पेड़ को पूरी तरह काट दिया गया। इस घटना से ग्रामीणों की भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं और पूरे गांव में रोष का माहौल है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। साथ ही उन्होंने गांधी चौक के पुराने स्वरूप को पुनः बहाल करने और वहां फिर से पौधारोपण कराने की मांग भी रखी है।
ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे । वही. प्रशासक राजेश धाकड ने बताया की मामले को लेकर कानूनी राय लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कराएंगे ।
