आसींद में गणगौर की धूम: महिलाओं ने निभाई ‘घुड़ला’ की पारंपरिक रस्म

BHILWARA
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आसींद में गणगौर की धूम: महिलाओं ने निभाई ‘घुड़ला’ की पारंपरिक रस्म

आसींद। राजस्थान की गौरवशाली संस्कृति और अटूट आस्था का प्रतीक ‘गणगौर’ का पर्व आसींद नगर में बड़े ही हर्षोल्लास और पारंपरिक धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में कस्बे के वर्मा जी के निवास पर महिलाओं और कुंवारी कन्याओं ने एकत्रित होकर ‘घड़ोलिया’ (घुड़ला) की प्राचीन रस्म को पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाया। कविता सोनी ने बताया कि गणगौर के दौरान घुड़ला घुमाने की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है, जो आज भी नई पीढ़ी के बीच उतनी ही लोकप्रिय और प्रासंगिक है।

आयोजन के दौरान महिलाओं ने सामूहिक रूप से लोक गीत गाए और इस रस्म के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को साझा किया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह रस्म नारी शक्ति और स्वाभिमान की जीत का प्रतीक मानी जाती है। इस अवसर पर सुमित्रा टेलर , सुमन देवी, चन्दा वैष्णव , शशि टेलर, रंजना, दीपिका वर्मा, भावना सहित क्षेत्र की कई अन्य महिलाएं और युवतियां उपस्थित रहीं। पूरे वातावरण में गणगौर के गीतों और उल्लास की गूँज सुनाई दी, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय और उत्सवपूर्ण हो गया।