गुर्जर समाज अनिवार्य रूप से बेटे बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाए – मुख्य पुजारी हेमराज पोसवाल

BHILWARA
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गुर्जर समाज अनिवार्य रूप से बेटे बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाए – मुख्य पुजारी हेमराज पोसवाल

मांडलगढ़, 21 मार्च 2026

मांडलगढ़ क्षेत्र के फान्दू की झुपड़िया में गुर्जर समाज फान्दू की झुपड़िया मोटरों का खेड़ा द्वारा भगवान श्री देवनारायण के नवनिर्मित मंदिर में आयोजित पूर्णाहुति महोत्सव एवं भगवान श्री देवनारायण की ईंटो की स्थापना (मूर्ति स्थापना) कार्यक्रम अत्यंत भव्यता, श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि गुर्जर समाज में एकता, संस्कार और शिक्षा के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश भी लेकर आया। भगवान श्री देवनारायण मंदिर महोत्सव के दौरान प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विद्वान आचार्यों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना, हवन एवं यज्ञ का आयोजन किया गया।

पूर्णाहुति के साथ ही भगवान श्री देवनारायण की पावन ईंटों की स्थापना की गई, जिसे समाज के लोगों ने अत्यंत श्रद्धा और आस्था के साथ संपन्न कराया। इस दौरान पूरे परिसर में “देवनारायण भगवान की जय” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। भगवान श्री देवनारायण के नवनिर्मित मंदिर में समस्त गुर्जर समाज फान्दू की झुपड़िया की ओर से कलश स्थापना का आयोजन भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में कलश यात्रा में भाग लिया, जिससे कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग और भी गहरा हो गया। ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के साथ निकली इस यात्रा ने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भगवान श्री देवनारायण जन्मस्थली मालासेरी डूंगरी के मुख्य पुजारी हेमराज जी पोसवाल ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में गुर्जर समाज को नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्री देवनारायण का जीवन संघर्ष, त्याग, न्याय और लोककल्याण का अद्भुत उदाहरण है, जिससे हर व्यक्ति को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में शिक्षा ही वह शक्ति है, जो समाज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि गुर्जर समाज को अपने बेटे-बेटियों दोनों को समान रूप से उच्च शिक्षा दिलाने का संकल्प लेना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी प्रशासन, राजनीति, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सके। मुख्य पुजारी हेमराज जी पोसवाल ने यह भी कहा कि जब समाज के युवा उच्च शिक्षित होंगे, तब वे देश के नीति-निर्धारण में भागीदारी निभाते हुए समाज के हितों की रक्षा कर सकेंगे। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और किसी भी परिस्थिति में उनकी पढ़ाई में बाधा न आने दें। कार्यक्रम में पूर्व उप जिला प्रमुख शंकरलाल गुर्जर, नारायण गुर्जर, भगवान श्री देवनारायण जन्मोत्सव समिति के राष्ट्रीय संयोजक मोहनलाल खटाना, समाजसेवी देवाराम गुर्जर (किशनगढ़), सरपंच शंकरलाल गुर्जर, सोनू जैन, सवाई सिंह गुर्जर, रामकुमार गुर्जर, भंवरलाल गुर्जर, पथिक ज्योति के संपादक नन्दलाल गुर्जर, पूर्व उप प्रधान गोदुलाल गुर्जर, सरपंच शिवलाल गुर्जर, नानालाल गुर्जर, नोला गुर्जर, राजूलाल गुर्जर, सरपंच राजेन्द्र मीणा, शंकरलाल गुर्जर, मोहनलाल सराधना सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह के दौरान सभी अतिथियों का गुर्जर समाज फान्दू की झुपड़िया मोटरों का खेड़ा द्वारा पारंपरिक तरीके से माला एवं साफा पहनाकर सम्मान किया गया। यह सम्मान समारोह समाज की आतिथ्य परंपरा और आपसी भाईचारे का प्रतीक बना। अंत में महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन में अनुशासन, सहयोग और समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली। कुल मिलाकर यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और शिक्षा के महत्व को एक साथ जोड़ने वाला एक प्रेरणादायी उदाहरण बना, जिसने गुर्जर समाज को एक नई सोच और दिशा प्रदान की।