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गुलाबपुरा( गोपाल तिवाड़ी) स्थानीय क्षेत्र में टोलकर्मियों की दबंगई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अधिवक्ता और उनके परिवार के साथ मारपीट व अभद्रता की घटना को लेकर अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मुख्य आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। ज्ञापन मे बताया की
25 मार्च की शाम आगुंचा टोल प्लाजा पर अधिवक्ता रामकुंवार प्रजापत के साथ टोलकर्मियों ने पहचान बताने के बावजूद गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। आरोप है कि घटना के दौरान अधिवक्ता के परिवारजनों, जिनमें महिलाएं व बच्चियां भी शामिल थीं, के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया।घटना के बाद गुलाबपुरा थाना पुलिस में मामला दर्ज कर पीड़ितों का मेडिकल करवाया गया तथा एफआईआर संख्या 106/2026 दर्ज की गई। पुलिस ने करीब 7 आरोपियों को पकड़ा, लेकिन एसडीएम के समक्ष केवल 5 आरोपियों को ही पेश किया गया। बताया जा रहा है कि अब भी 3-4 मुख्य आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।


ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्थानीय स्तर पर 10-20 किलोमीटर की दूरी के ग्रामीणों को नियमानुसार टोल में छूट मिलती है, लेकिन इसके बावजूद टोलकर्मी नियमों की अनदेखी कर आमजन से दुर्व्यवहार कर रहे हैं। आरोप है कि कई टोल प्लाजा पर आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को नियुक्त किया गया है, जिससे आए दिन विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं और आमजन में भय का माहौल बना हुआ है।अधिवक्ताओं ने सरकार से लंबित पड़े एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को शीघ्र लागू करने की मांग भी की है, ताकि अधिवक्ताओं के साथ होने वाली घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। इस दौरान अधिवक्ताओं ने मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया और “वकील एकता जिंदाबाद” के नारे लगाते हुए अपना रोष व्यक्त किया। अभिभाषक संघ गुलाबपुरा के सभी अधिवक्ताओं में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि यदि मुख्य आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं की गई और टोल मालिक व मैनेजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो अधिवक्ता उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
