राजस्थान दिवस पर सजी कला की रंगीन प्रदर्शनी, 25 कलाकारों की कृतियों ने मोहा मन

BHILWARA
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भीलवाड़ा। राजस्थान दिवस के अवसर पर शहर में लोक संस्कृति, परंपरा और कला की जीवंत झलक प्रस्तुत करती एक भव्य कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। शास्त्रीनगर स्थित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन रविवार को दीपिका आर्ट अकादमी एवं नवदीप के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें 25 कलाकारों की उत्कृष्ट कृतियों का प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ हाथीभाटा आश्रम के महन्त संत महाराज, पर्यावरणविद् बाबूलाल जाजू, गौभक्त सुनील जागेटिया एवं राजस्थान जन मंच के अध्यक्ष कैलाश सोनी द्वारा मोली बंधन खोलकर तथा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर पर्यावरणविद् बाबूलाल जाजू ने अपने उद्बोधन में कहा कि राजस्थान की कला और संस्कृति हमारी पहचान है, जिसे सहेजना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कलाकारों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करती है।

गौभक्त सुनील जागेटिया ने कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कारों को संजोने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कलाकारों को प्रोत्साहित करते हुए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की बात कही।

राजस्थान जन मंच के अध्यक्ष कैलाश सोनी ने अपने उद्बोधन में कहा कि राजस्थान की लोक कला विश्वभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को मंच मिला है, जो सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रदर्शनी में राजस्थान की लोक संस्कृति, परंपराओं, ग्रामीण जीवन, लोकदेवताओं एवं प्राकृतिक सौंदर्य को दर्शाती विविध पेंटिंग्स, फोटोग्राफी एवं प्रिंट मेकिंग की आकर्षक कृतियां प्रदर्शित की गईं, जिन्हें दर्शकों ने काफी सराहा।

दीपिका आर्ट अकादमी की संचालिका दीपिका पाराशर ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करना एवं राजस्थान की समृद्ध कला विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन नियमित रूप से किए जाएंगे, जिससे नई प्रतिभाओं को अवसर मिल सके।

राजस्थान दिवस के इस विशेष अवसर पर आयोजित इस कला प्रदर्शनी ने शहर के कला प्रेमियों को एक अनूठा अनुभव प्रदान किया और प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि का सुंदर चित्र प्रस्तुत किया।

प्रदर्शनी के उद्घाटन के अवसर पर समस्त 25 कलाकार तथा सुरेश आचार्य, रामेश्वर जीनगर, विश्वास पत्रिया, मांगु सोनी आदि मौजूद थे।