भीलवाड़ा. मूलचन्द पेसवानी
खुशियों से भरा एक जन्मदिन समारोह कुछ ही पलों में मातम में बदल गया। अजमेर के एक बिजनेसमैन की गुरुवार रात सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके 12 से अधिक दोस्त घायल हो गए। हादसा चित्तौड़गढ़-अजमेर नेशनल हाईवे पर हमीरगढ़ थाना क्षेत्र के स्वरूपगंज के पास रात करीब 8:30 बजे हुआ, जब एक टेम्पो ट्रैवलर आगे चल रहे ट्रेलर में जा घुसी।

पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान अजमेर निवासी 61 वर्षीय जयप्रकाश वरलानी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गुरुवार को उनका जन्मदिन था और वे अपने करीब 20-25 दोस्तों के साथ चित्तौड़गढ़ जिले में सांवलिया सेठ मंदिर के दर्शन कर लौट रहे थे। इस दौरान ट्रैवलर में सवार सभी लोग गाने गाते और डांस करते हुए सफर का आनंद ले रहे थे।
घटना में घायल अजमेर के पार्षद रमेश चेलानी ने बताया कि वे सुबह करीब 9 बजे अजमेर से रवाना हुए थे और रास्ते में आवरी माता मंदिर के दर्शन किए। इसके बाद सभी ने सांवलिया सेठ मंदिर में पूजा-अर्चना कर भोजन किया और शाम करीब 6 बजे अजमेर के लिए लौटे। सफर के दौरान सभी दोस्त बेहद खुश थे और गाने-बजाने के साथ जन्मदिन का जश्न मना रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे से कुछ मिनट पहले ट्रैवलर में फिल्मी गीत “जिंदगी एक सफर है सुहाना, यहां कल क्या हो किसने जाना” बज रहा था और सभी यात्री उसी पर झूम रहे थे। इसी बीच अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और ट्रैवलर आगे चल रहे ट्रेलर के पिछले हिस्से में जा टकराई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चालक ने ट्रेलर को ओवरटेक करने का प्रयास किया, जिसके दौरान यह हादसा हुआ।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस के जरिए भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया। घायलों में प्रकाश वरलानी, ललित वरलानी और सुभाष अग्रवाल की हालत गंभीर बताई गई, जिन्हें भर्ती कर उपचार किया जा रहा है, जबकि अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
हमीरगढ़ थाना प्रभारी सुनील कुमार बेड़ा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। इधर, घटना की सूचना मिलने पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भीलवाड़ा जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर घायलों के समुचित इलाज और मृतक के शव को अजमेर पहुंचाने की व्यवस्था के निर्देश दिए।
यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों की ओर इशारा करता है, जिसने एक परिवार की खुशियां छीन लीं और जश्न को गहरे शोक में बदल दिया।
