सवाईपुर में तीन दिवसीय नानी बाई का मायरा की पूर्णाहुति
सवाईपुर ( सांवर वैष्णव ):- सवाईपुर कस्बे में ब्राह्मणों के मंदिर के पास आयोजित तीन दिवसीय नानी बाई का मायरा कथा की तीसरे दिन रविवार को पूर्णाहुति हुई, जिसमें दुसरे दिन भगवान ने भक्त नरसी मेहता बैठीं नानी बाई के छप्पन करोड़ का नगर अंजार में मायरा भरा ।

आयोजक श्यामसुंदर श्रौत्रिय ने बताया कि श्री चारभुजा नाथ की असीम अनुकंपा से ब्राह्मणों के मंदिर के पास तीन दिवसीय नानी बाई का मायरा कथा महोत्सव की शुरुआत शुक्रवार को कलशयात्रा के साथ हुई । रविवार सुबह 10:15 बजे गणपति वंदना और पूजा-अर्चना के साथ नानी बाई का मायरा कथा की शुरुआत हुई ।

जिसमें कथा वाचक पंडित दुर्गेश चतुर्वेदी रामपुरिया बेंगू वाले के मुखारविंद से नानी बाई रो मायरो का वाचन किया । जिसमे रविवार को भक्त नरसी मेहता की भगवान को करुणा मय पुकार, नानी बाई के सास-ससुर द्वारा नरसी मेहता को ताने मारना, नाराणियो देवर ने नानी बाई को ताने देना, नानी बाई नाराज होकर सरोवर पर जाना, सरोवर पर भगवान सांवरा सेठ से अर्ज करना, भगवान द्वारकाधीश राधा रुक्मणी संग मायरा लेकर आना, भगवान का व्यापारी बनकर भक्त नरसी मेहता से मिलना, नानी बाई का मायरा का बधावा गाना, भगवान द्वारकाधीश ने भक्त नरसी मेहता के साथ मिलकर नानी बाई को छप्पन करोड़ का मायरा भरकर माया लुटाई ।

इस दौरान द्वारकाधीश, राधा-रुक्मण, भक्त नरसी मेहता बैलगाड़ी में सवार होकर क्षोत्रिय परिवार के साथ मायरा भरने के लिए पहुंचे, इस दौरान महिला पुरुष नाचते गाते चले । द्वारकाधीश, राधा, रुक्मणी, नरसी मेहता की झांकी जो मुख्य आकर्षण का केंद्र रही, वही भगवान के साथ भक्तों ने फूलों से होली खेली तथा भक्तिमय भजनों पर श्रद्धालु भाव विभोर होकर नाचने झूमने लगे । इस दौरान सवाईपुर, सालरिया, ढ़ेलाणा, कंवलियास, भीलवाड़ा, गेंदलिया, अडसीपुरा, आकोला, चावंडिया, सोपुरा, ड़साणिया का खेड़ा आदि कई गांवों से बड़ी संख्या श्रद्धालु पहुंचे । अंत में नानी बाई का मायरा की पूर्णाहुति हुई, जिसके बाद प्रसादी का भोग लगाकर प्रसादी वितरण की ।।

नानी बाई के मायरा में कलश बधाऊ राशि से होगा गरीब कन्या का विवाह
कथा वाचक पंडित दुर्गेश चतुर्वेदी रामपुरिया ने बताया कि नानी बाई का मायरा के अंतिम दिन जब भगवान द्वारकाधीश नानी बाई को कलश बधाते हैं तो उसे दौरान जो भी राशि भक्तों के द्वारा कलश में डाली जाती है, उसे राशि से एक करीब कन्या के विवाह के लिए दी जाएगी । पंडित चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने जनवरी संकल्प लिया था गुरु पूर्णिमा तक जो भी राशि इकट्ठा होगी, उसे राशि को वह गुरु पूर्णिमा पर एक गरीब कन्या को विवाह के लिए देंगे । इसके लिए वह नानी बाई के मायरा की पूर्णाहुति पर मायरा देखने आने वाले भक्तों को मायरा में वस्त्र इत्यादि न लाकर लिफाफा में सहयोग राशि देने का अनुरोध करते हैं, ताकि गरीब कन्या के विवाह के लिए अधिक से अधिक धनराशि संग्रहित कर सके ।।

