भूमि कटाव की आशंका से सहमे परिवार, निष्पक्ष जांच की मांग; प्रशासनिक पड़ताल के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
शक्करगढ़
बेई पंचायत के उतरना गांव में निर्माणाधीन एनीकट एक बार फिर चर्चा और विवाद का विषय बन गया है। भील समाज के कई परिवारों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में तकनीकी खामियों के कारण बरसात के दौरान पानी का बहाव प्रभावित होगा , जिससे आसपास की कृषि भूमि के कटाव का खतरा पैदा हो गया है

ग्रामीणों का कहना है कि एनीकट में करीब 30 मीटर लंबी दीवार एक तरफ खड़ी कर दी गई है। इससे वर्षा जल का दबाव एक दिशा में बढ़ने की संभावना है, जिसका सीधा असर किसानों की जमीन पर पड़ पड़ेगा खेती ही अधिकांश परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन है, ऐसे में भूमि कटाव होने की वजह ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि एनीकट निर्माण को लेकर पूर्व में भी जिला प्रशासन को शिकायत की जा चुकी है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में निष्पक्षता नहीं बरती गई और कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के प्रयास में कई किसानों के हित प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण तकनीकी मानकों के अनुरूप है तो प्रशासन इसकी सार्वजनिक जांच रिपोर्ट जारी करे, जिससे क्षेत्र में फैली आशंकाओं का समाधान हो सके। वहीं यदि निर्माण में कोई कमी पाई जाती है तो समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि बरसात में किसानों को नुकसान न उठाना पड़े।
अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। एनीकट किसानों के लिए राहत का माध्यम बनेगा या परेशानी का कारण, इसका जवाब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मौके पर विशेषज्ञ टीम भेजकर वास्तविक स्थिति का आकलन करने और किसानों की चिंताओं का समाधान करने की मांग की है।
