चंपापुर में एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार , जंगल के बीच चल रहा था नशे का कारोबार, पुलिस ने किया पर्दाफाश

BHILWARA
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बिजौलिया। भीलवाड़ा जिला पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजौलिया थाना क्षेत्र के चंपापुर गांव में संचालित एक अवैध एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। वन क्षेत्र से सटे एक सुनसान फार्म हाउस में चल रहे इस गोरखधंधे का खुलासा होने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ, रासायनिक सामग्री और ड्रग निर्माण में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए हैं।



जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि चंपापुर गांव के खेतों के बीच बने एक मकान में अवैध रूप से सिंथेटिक ड्रग तैयार की जा रही है। सूचना के आधार पर बिजौलिया थाना प्रभारी स्वागत पांड्या और कास्या चौकी प्रभारी नरेश शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने पूरी गोपनीयता के साथ कार्रवाई करते हुए फार्म हाउस की घेराबंदी कर दबिश दी।



पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां ड्रग निर्माण का पूरा सेटअप संचालित मिला। जांच में सामने आया कि फार्म हाउस में एमडी ड्रग तैयार करने के लिए विभिन्न प्रकार के रसायनों का उपयोग किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 36 किलोग्राम एमडीएमए, 155 लीटर एमएम केमिकल, 30 लीटर हाइड्रोक्लोरिक एसिड तथा 8.50 किलोग्राम कास्टिक सोडा बरामद किया। प्रारंभिक जांच के अनुसार जब्त सामग्री को प्रोसेस कर एमडी ड्रग तैयार की जा रही थी और निर्माण प्रक्रिया अंतिम चरण में थी।



पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। इनमें वीरेन्द्र (51) पुत्र हजारीलाल बांछड़ा निवासी डोडिया मीणा, यशोधरमन नगर, मंदसौर (मध्यप्रदेश), बहादुर सिंह (43) पुत्र गोरू बंजारा निवासी खेड़ी दायमा, मनासा, नीमच (मध्यप्रदेश) तथा बबलू (30) पुत्र श्यामलाल बंजारा निवासी भोपतपुरा, बिजौलिया शामिल हैं।

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि इस अवैध कारोबार का नेटवर्क काफी गहरा और संगठित हो सकता है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ड्रग निर्माण के लिए कच्चा माल कहां से लाया जा रहा था और तैयार माल की सप्लाई किन क्षेत्रों में की जानी थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चंपापुर जैसे सुनसान और वन क्षेत्र से सटे इलाके को चुनकर तस्करों ने लंबे समय तक इस अवैध गतिविधि को छिपाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सतर्कता और मुखबिर तंत्र की सक्रियता के चलते पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया।

मामले की जांच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में नशे के इस कारोबार से जुड़े कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई को अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और समाज में फैल रहे इस जहर के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।