भीलवाड़ा में गोलियों की गूंज… एएनटीएफ और तस्करों के बीच देर रात मुठभेड़, जवाबी फायरिंग में एक तस्कर ढेर

BHILWARA
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भीलवाड़ा। मूलचन्द पेसवानी
बुधवार देर रात भीलवाड़ा बाईपास अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और कार सवार तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस पर फायरिंग करने वाले तस्करों को जवाबी कार्रवाई महंगी पड़ गई। पुलिस की जवाबी गोलीबारी में एक तस्कर ढेर हो गया, जबकि उसका साथी भागने की कोशिश के बावजूद पुलिस के शिकंजे से बच नहीं सका।


घटना पुर थाना क्षेत्र स्थित भीलवाड़ा बाईपास की है, जहां एएनटीएफ को डोडा-चूरा की बड़ी खेप ले जाए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही टीम ने पूरी रणनीति के साथ नाकाबंदी कर संदिग्ध स्विफ्ट कार का इंतजार शुरू कर दिया।
फिल्मी अंदाज में शुरू हुआ पीछा
जैसे ही तेज रफ्तार स्विफ्ट कार बाईपास पर पहुंची, पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय एक्सीलेटर पर पैर और जोर से दबा दिया। कार हवा से बातें करती हुई आगे निकल गई। एएनटीएफ की टीम भी पीछे लग गई। कुछ किलोमीटर तक हाईवे पर फिल्मी अंदाज में पीछा चलता रहा।


इसी दौरान तस्करों ने पकड़े जाने की आशंका में पुलिस पर पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से माहौल तनावपूर्ण हो गया। आत्मरक्षा और आरोपियों को रोकने के लिए एएनटीएफ ने भी जवाबी फायरिंग की।
सीने में लगी गोली, अस्पताल में तोड़ा दम
जवाबी कार्रवाई के दौरान चली गोली कार में बैठे एक तस्कर के सीने और पसलियों के पास जा लगी। घायल आरोपी को तत्काल महात्मा गांधी चिकित्सालय पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उपचार के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान जोधपुर जिले के भोपालगढ़ निवासी 35 वर्षीय गणपत पुत्र आलाराम के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मॉर्च्युरी में रखवा दिया है।
दूसरा तस्कर भागा, लेकिन बच नहीं सका
मुठभेड़ के दौरान कार में सवार दूसरा आरोपी महेंद्र गोदारा अंधेरे का फायदा उठाकर भागने लगा, लेकिन पहले से सतर्क पुलिस टीम ने चारों ओर से घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि उससे तस्करी के पूरे नेटवर्क और उसके अन्य साथियों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।


एएनटीएफ प्रभारी ने बताई पूरी कहानी
एएनटीएफ प्रभारी राजाराम ने बताया कि टीम को पहले से डोडा-चूरा तस्करी की पुख्ता सूचना मिली थी। इसी आधार पर कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि टीम दो हिस्सों में बंटी हुई थी। एक टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर आगे नाकाबंदी कर रखी थी। जब तस्करों ने आगे रास्ता बंद देखा तो उन्होंने वाहन वापस मोड़ने का प्रयास किया।
इसी दौरान पुलिसकर्मी स्टॉपर लगाने के लिए आगे बढ़े, तभी कार चालक ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक आरोपी गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
कार में डोडा-चूरा होने की आशंका
प्रारंभिक जांच में पुलिस को कार में डोडा-चूरा होने की जानकारी मिली है। जब्त सामग्री की जांच कराई जा रही है। पुलिस को यह भी संदेह है कि तस्करों के साथ एक अन्य वाहन भी चल रहा था, जिसमें मादक पदार्थों की खेप हो सकती है। उस वाहन की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कर आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सागर राणा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल जोशी देर रात पुर थाना पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और कार्रवाई की जानकारी ली। एहतियात के तौर पर शहर और आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। देर रात तक पूरे इलाके में सघन तलाशी और जांच अभियान जारी रहा।
नशे के नेटवर्क पर बड़ी चोट
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल दो तस्करों तक सीमित नहीं है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि डोडा-चूरा की खेप कहां से लाई गई थी, इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था और इस तस्करी गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
राजस्थान में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच भीलवाड़ा की यह मुठभेड़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। हालांकि पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है और पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट तथा गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।