मोबाइल की स्क्रीन से खबरों की दुनिया तक३ बिजोलिया के बच्चों ने जाना पत्रकारिता का सफरप्रेस ट्रस्ट बिजोलिया का एचवीएस स्कूल में विशेष वेलनेस कार्यक्रम, विद्यार्थियों को समझाई समाचार निर्माण से डिजिटल मीडिया तक की पूरी प्रक्रिया

BHILWARA
Spread the love



बिजोलिया। मूलचन्द पेसवानी
बच्चों की दुनिया किताबों के पन्नों तक सीमित न रहे, बल्कि वे अपने आसपास के समाज, क्षेत्र, प्रदेश और देश-दुनिया में घट रही घटनाओं को भी समझेंकृइसी उद्देश्य को लेकर प्रेस ट्रस्ट बिजोलिया की ओर से एचवीएस इंग्लिश मीडियम स्कूल में विशेष वेलनेस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मीडिया, पत्रकारिता, समाचार निर्माण और डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म की उपयोगिता से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम में बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि आज के दौर में सूचना केवल ज्ञान का साधन नहीं, बल्कि समाज को समझने और जागरूक नागरिक बनने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। विद्यार्थियों को सरल एवं रोचक तरीके से बताया गया कि आखिर किसी घटना के घटित होने से लेकर उसके समाचार के रूप में पाठकों तक पहुंचने के बीच कितने चरणों से गुजरना पड़ता है।


घटना से समाचार तक ऐसे आकार लेती है एक खबर
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को समाचार निर्माण की पूरी प्रक्रिया समझाई गई। बताया गया कि किसी घटना की जानकारी मिलने के बाद पत्रकार किस प्रकार मौके से तथ्य जुटाता है, संबंधित लोगों से जानकारी प्राप्त करता है और उपलब्ध तथ्यों की पुष्टि करता है। इसके बाद समाचार को व्यवस्थित एवं सरल भाषा में तैयार किया जाता है।
विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि खबर लिखना महज घटनाओं को शब्दों में उतारना नहीं है। एक जिम्मेदार पत्रकार के लिए तथ्यपरकता, निष्पक्षता, विश्वसनीयता और जनहित सबसे महत्वपूर्ण आधार होते हैं। समाचार तैयार होने के बाद संपादन की प्रक्रिया से गुजरता है और फिर उसे अखबार अथवा डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाया जाता है।
बच्चों को यह संदेश भी दिया गया कि पत्रकारिता समाज का आईना है। किसी क्षेत्र की समस्याओं को सामने लाने, सकारात्मक कार्यों को समाज तक पहुंचाने और जनहित के मुद्दों पर लोगों का ध्यान आकर्षित करने में समाचार माध्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
गेमिंग से आगे बढ़कर डिजिटल दुनिया को बनाएं ज्ञान का माध्यम
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पक्ष बच्चों में मोबाइल और इंटरनेट के सकारात्मक उपयोग को लेकर जागरूकता पैदा करना भी रहा। विद्यार्थियों को बताया गया कि मोबाइल फोन केवल गेम खेलने अथवा मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि इसका उपयोग ज्ञान अर्जित करने, नई चीजें सीखने और देश-दुनिया की गतिविधियों से जुड़े रहने के लिए भी किया जा सकता है।
उन्हें समझाया गया कि इंटरनेट पर समय बिताते समय सामग्री का चयन बेहद महत्वपूर्ण है। मनोरंजन के साथ ऐसे विश्वसनीय डिजिटल प्लेटफॉर्म को भी समय दिया जाना चाहिए, जहां प्रमाणिक और उपयोगी जानकारी उपलब्ध हो। विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ को देश-प्रदेश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों और न्यूज पोर्टल के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि इनके माध्यम से स्थानीय घटनाओं के साथ राजस्थान, देश और दुनिया की महत्वपूर्ण गतिविधियों की जानकारी घर बैठे प्राप्त की जा सकती है।
समाचार पढ़ने की आदत से बढ़ता है ज्ञान और मजबूत होती है भाषा
प्रेस ट्रस्ट की टीम ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से समाचार पढ़ने के लिए प्रेरित किया। बताया गया कि समाचार पढ़ने की आदत से केवल सामान्य ज्ञान ही नहीं बढ़ता, बल्कि भाषा पर पकड़ मजबूत होती है और आसपास की घटनाओं को समझने की क्षमता भी विकसित होती है।
बच्चों को अपने आसपास होने वाली सकारात्मक गतिविधियों, सामाजिक सरोकारों और जनहित से जुड़े विषयों पर नजर रखने की सीख दी गई। उन्हें बताया गया कि जागरूक विद्यार्थी ही आगे चलकर जागरूक नागरिक बनता है और समाज की दिशा तय करने में अपनी भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े विषयों में विशेष रुचि दिखाई। बच्चों ने समाचारों के निर्माण, पत्रकारिता की कार्यप्रणाली और डिजिटल मीडिया को लेकर अपनी जिज्ञासाएं भी साझा कीं। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को केवल मीडिया की जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें सूचना के जिम्मेदार और विवेकपूर्ण उपयोग के लिए तैयार करना भी रहा।
प्रेस ट्रस्ट और विद्यालय स्टाफ रहा मौजूद
कार्यक्रम में प्रेस ट्रस्ट की ओर से कपिल विजय, नरेश धाकड़, धीरेंद्र सिंह चौहान एवं शुभम मौजूद रहे। वहीं विद्यालय की ओर से नरेश कुमार धाकड़, सुरेश चंद धाकड़, नीलिमा ईनाणी, अशोक शर्मा, आदित्य टेलर, मुस्कान, आकाश कानावत, जानकी लाल शर्मा, सीमा टेलर, पूर्णिमा विजय, गुनगुन धाकड़ सहित विद्यालय स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने बच्चों को यह संदेश दिया कि डिजिटल युग में मोबाइल हाथ में होना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उसके माध्यम से सही जानकारी तक पहुंचना और उसे समझना ही वास्तविक डिजिटल जागरूकता है।