गुरु का सम्मान, मेधावियों का अभिनंदन, जहाजपुर में 45 गुरुजनों और 60 विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

BHILWARA
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भारत विकास परिषद ने आयोजित किया ‘गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन’ कार्यक्रम, विधायक गोपीचंद मीणा बोले- गुरु जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक

जहाजपुर। मूलचन्द पेसवानी
गुरु केवल किताबों का ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थी के जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है। भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वाेच्च स्थान देने की इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भारत विकास परिषद शाखा जहाजपुर की ओर से शनिवार को पीएमश्री महाराणा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में ‘गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में जहां गुरुजनों को सम्मानित कर उनकी भूमिका के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई, वहीं विभिन्न विद्यालयों के मेधावी और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं का अभिनंदन कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के 15 विद्यालयों के 45 गुरुजनों और 60 प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।


मां भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से शुरुआत-
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां भारती के चित्र के समक्ष माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया। भारत विकास परिषद शाखा जहाजपुर के प्रांतीय रक्तदान प्रभारी देवराज सुरतानिया, अध्यक्ष एडवोकेट महावीर सनाढ्या, सचिव घनश्याम जोशी, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र सोनी एवं महिला संयोजिका अमिता मुंदड़ा ने अतिथियों का तिलक लगाकर एवं उपरणा ओढ़ाकर स्वागत किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जहाजपुर-कोटड़ी विधानसभा क्षेत्र के विधायक गोपीचंद मीणा रहे। शाखा संरक्षक घनश्याम नागौरी, कार्यक्रम अध्यक्ष एवं पीएमश्री महाराणा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य ईश्वर मीणा, कादीसहना विद्यालय के प्राचार्य धारासिंह मीणा तथा भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष भेरूलाल टांक सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
‘गुरु सिर्फ शिक्षक नहीं, जीवन के मार्गदर्शक’
मुख्य अतिथि विधायक गोपीचंद मीणा ने कहा कि गुरु केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते। वे उनके व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं और जीवन में सही दिशा चुनने के लिए मार्गदर्शन देते हैं।
उन्होंने कहा कि गुरुजनों का सम्मान भारतीय संस्कृति और संस्कारों की महत्वपूर्ण परंपरा है। विद्यार्थियों को अपने जीवन में अनुशासन, मेहनत और संस्कारों को अपनाना चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं से राष्ट्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
15 विद्यालयों से पहुंचे 45 गुरु, 60 मेधावी विद्यार्थी सम्मानित
कार्यक्रम में जहाजपुर क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से चयनित 45 गुरुजनों और 60 उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर विद्यार्थियों के चेहरों पर उत्साह नजर आया, वहीं गुरुजनों ने भी इस पहल को शिक्षा और संस्कारों के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने वाला कदम बताया।
सम्मानित विद्यालयों में पीएमश्री महाराणा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, महात्मा गांधी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय भंवरकला गेट, राजकीय प्राथमिक विद्यालय भवानीपुरा, राजकीय विद्यालय बिंदियाभाटा, श्री विवेकानंद मॉडल स्कूल, राजकीय प्राथमिक विद्यालय संतोष नगर, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय हनुमानगेट, जयभारती विद्या मंदिर, सांता किड्स प्राइमरी स्कूल सहित क्षेत्र के अन्य विद्यालय शामिल रहे।
संस्कार और राष्ट्रभावना को मजबूत करना उद्देश्य
भारत विकास परिषद के ‘गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन’ एवं ‘भारत को जानो’ प्रकल्प प्रभारी प्रह्लाद सिंह राणावत ने परिषद की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि परिषद का उद्देश्य समाज में संस्कार, सेवा, सहयोग और राष्ट्रभावना को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन इसी उद्देश्य की महत्वपूर्ण कड़ी है। कार्यक्रम के माध्यम से एक ओर गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है, वहीं विद्यार्थियों को अपने जीवन में संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदारी का महत्व समझने का अवसर मिलता है।
शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक रहे मौजूद
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक, छात्र-छात्राएं और अभिभावक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। भारत विकास परिषद शाखा जहाजपुर के मार्गदर्शक दामोदर शाह, पर्यावरण प्रकल्प प्रभारी मुकेश पत्रिया, सेवा प्रकल्प प्रभारी रमेश मीणा सहित परिषद के अनेक सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में गुरुजनों एवं मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह ने गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति सम्मान, विद्यार्थियों में संस्कार और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना का संदेश दिया।
सम्मान समारोह बना प्रेरणा का मंच
जहाजपुर में आयोजित यह कार्यक्रम महज सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रहा। मंच से गुरु के महत्व, शिक्षा के साथ संस्कारों की जरूरत और विद्यार्थियों की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर जोर दिया गया। परिषद की इस पहल ने मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देने के साथ गुरुजनों के प्रति सम्मान की भारतीय परंपरा को भी मजबूती दी।