सरथला में जुड़े देवपुरिया गांव की राह में पानी, बच्चों से लेकर गर्भवती महिलाओं तक की परेशानी

BHILWARA
Spread the love



4 किलोमीटर का रास्ता पानी में डूबा, सड़क तक पहुंचने के लिए गर्भवती महिलाओं को भी उठाकर लाना पड़ता

असलम रंगरेज

काछोला। ग्राम पंचायत सरथला में शामिल हुए देवपुरिया गांव के ग्रामीण बारिश के दौरान आवागमन की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। गांव से स्कूल एवं मुख्य सड़क तक जाने वाला करीब 4 किलोमीटर का रास्ता पानी से भर जाने के कारण ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार इसी रास्ते से रोजाना  बच्चे स्कूल आते-जाते हैं। रास्ते में पानी अधिक होने पर बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।


गर्भवती महिलाओं और मरीजों के लिए बढ़ी मुश्किल
समस्या केवल स्कूली बच्चों तक सीमित नहीं है। बारिश के दौरान गांव में वाहन पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं और मरीजों को करीब 4 किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक पहुंचाने के बाद ही वाहन से अस्पताल ले जाना संभव हो पाता है। ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
काछोला बाजार जाने का भी यही रास्ता
देवपुरिया से मुख्य बाजार काछोला जाने के लिए भी ग्रामीण इसी मार्ग पर निर्भर हैं। बारिश में रास्ता पानी में डूब जाने से ग्रामीणों का बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी सेवाओं से संपर्क प्रभावित हो जाता है।
जीएसएस अध्यक्ष राधेश्याम कंजर ने बताया कि देवपुरिया गांव पंचायत में जुड़ गया है, लेकिन सड़क और आवागमन की समस्या अभी भी बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा, गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों को देखते हुए समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है।
अधिकारी मौके पर पहुंचकर देखें हालात
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने की मांग की है। साथ ही पानी की निकासी की व्यवस्था करने, रास्ते को ऊंचा करने तथा स्थायी सड़क निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि देवपुरिया की यह समस्या महज आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की शिक्षा, मरीजों के उपचार और गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित आवाजाही से जुड़ा गंभीर विषय है। ऐसे में प्रशासन को बारिश के दौरान तत्काल राहत के साथ-साथ स्थायी समाधान की दिशा में भी कदम उठाना चाहिए।